रांची:
रेबिका पहाड़िन हत्याकांड (Rebica Pahadin murder case) मामले को लेकर राज्यपाल रमेश बैस (Ramesh Bais) ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Ramesh Bais) से बात की। राज्यपाल ने सीएम से कहा है कि फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामले की सुनवाई करवा कर आरोपियों को जल्द से जल्द सजा दिलाई जाए। ताकि मृतका और उसके परिजनों को न्याय मिल सके। राज्यपाल ने कहा कि लॉ एंड आर्डर को गंभीरता से लेने की जरूरत है। उन्होंने सीएम से कहा कि हमने डीजीपी को बुला कर रेबिका हत्याकांड के बारे में जानकारी ली है। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल से कहा कि इस मामले को लेकर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।

ईसाई रीति-रिवाज के साथ हुआ रेबिका का अंतिम संस्कार
बता दें कि मंगलवार को ईसाई रीति-रिवाज के रेबिका का अंतिम संस्कार किया गया। उसके पैतृक गांव गोंडा पहाड़ में रेबिका पहाड़िन के खंडित शरीर के अंगों को ताबूत में बंद कर अंतिम विदाई दी गई। मंगलवार सुबह शव के घर पहुंचते ही ताबूत पर लिपट कर परिजन रोने लगे। डीसी ने कहा कि परिजनों को उचित मुआवजा दिलाया जायेगा। डालसा की तरफ से रिपोर्ट तैयार की जा रही है। रिपोर्ट तैयार होते ही 5 लाख रुपये का मुआवजा दिया जायेगा। वहीं मृतका की पांच वर्षीय बेटी रिया पहाड़िन के लिए सभी प्रकार की व्यवस्था की जायेगी। इस दौरान डीसी रामनिवास यादव, एसपी अनुरंजन किस्पोट्टा शामिल थे। सोमवार को रेबिका के खंडित शव का पोस्टमार्टम, फोरेंसिक जांच दुमका मेडिकल कॉलेज में हुआ।

धर्मांतरण न करने के कारण कर दी हत्या
इस दौरान रेबिका के पिता सूर्या पहाड़िया और छोटा भाई अरसन मालतो ने कहा कि रेबिका की हत्या धर्मांतरण का विरोध करने पर की गयी है। रेबिका पहाड़िन ईसाई समुदाय से थी। उन्होंने कहा कि शादी के बाद दिलदार के परिवारवाले धर्मांतरण के लिए रेबिका पर लगातार दबाव बना रहे थे। बता दें कि रेबिका पहाड़िया की हत्या उसके पति दिलदार अंसारी ने की थी। हत्या के बाद उसने उसके शव को 19 टुकड़े करके इलाके के सुनसान जगहों पर फेंक दिया था।