द फॉलोअप डेस्क
पेयजल विभाग के अधिकारियों की उदासीनता एवं ढुलमुल रवैये के कारण बहुत जल्द गोविंदपुर जलापूर्ति योजना ठप हो जायेगी। यह गोविंदपुर के जिला परिषद सदस्य डॉ परितोष का कहना है. उन्होंने आगे कहा, "गोविंदपुर जलापूर्ति योजना अपने निर्माण काल से ही भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। वर्ष 2015 में शुरू हुई योजना 2025 तक अपूर्ण है। अभी भी सैकड़ों बस्तियों में जलापूर्ति संभव नहीं हो पाई है। योजना अंतर्गत 21 पंचायत में जलापूर्ति हेतु ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस के कार्य का जिम्मा वर्ष 2026 तक के लिए मेसर्स जेमिनी एंटरप्राइजेज को दिया गया है। 27 माह से जिसका संचालन संवेदक के द्वारा किया जा रहा है, जिसमे 10 माह का भुगतान विभाग द्वारा किया गया है। 17 माह का भुगतान नहीं होने के कारण दो बार जलापूर्ति ठप कर दी गई है। जिससे 21 पंचायतों में निवास करने वाले लाखों की आबादी प्रभावित होते रहती है।"
उन्होंने आगे बताया, "वर्ल्ड बैंक के सहयोग से यह योजना का निर्माण हुआ मगर व्याप्त भ्रष्टाचार के कारण यह योजना अभी तक पूर्ण नहीं हो पायी और वर्ल्ड बैंक ने भी अपने हाथ पीछे कर लिये। बार बार पत्राचार एवं आंदोलन के बाद जल कर वसूली एवं हाउस होल्ड कनेक्शन के मेंटेनेंस के लिए विभाग द्वारा MVWSC कमिटी का गठन किया गया। जिसमें मुखिया एवं जलसहिया को सदस्य बनाया गया। लेकिन, कमेटी सक्रिय नहीं रहने के कारण उनका कार्य सिर्फ मीटिंग तक ही सीमित रह गया। विगत 2 माह से कुछ कुछ पंचायत में जलकर की वसूली हो रही है मगर वो प्रभावी नहीं है। सिर्फ मुखिया एवं जल सहिया से यह संभव नहीं है। इसके अलावा पूर्व में कनेक्शन देने के नाम पर 450 रुपये का शुल्क जल सहिया द्वारा लिया गया। मगर सभी पंचायत में इसका हिसाब नहीं है। कुछ पंचायत में जल सहिया भी काम छोड़ चुकी है। आने वाले दिनों में जो जलकर की वसूली हो रही है उसके लिए ठोस रणनीति की जरूरत है। वहीं, जलापूर्ति योजना में कई जगह मुख्य पाइप लाइन फटे होने के कारण वर्षों से शुद्ध पेयजल बर्बाद हो रहे है जिससे सड़के भी खराब हो रही है। इसके अलावा इंटक वेल में पानी की सप्लाई 15 फ़ीट मिट्टी जमा है, जिससे बार बार मोटर खराब होता है और जलापूर्ति बाधित होती है। 5 वर्षों में कभी भी पानी टंकी की सफाई नहीं हुई है।"
जिप सदस्य परितोष ने आगे बताया, "समय-समय पर संबंधित विभाग को पत्राचार, संबंधित पदाधिकारी को सूचना, आंदोलन के बाद भी विभाग का रवैया योजना के संचालन में नहीं है। अगर ऐसी स्थिति रही तो बहुत जल्द ये जनकल्याणकारी योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जायेगा।" उन्होंने सुझाव दिया कि जमशेदपुर के मोहरदा, घोड़ाबांधा और मानगो की जलापूर्ति योजना के तर्ज पर गोविंदपुर जलापूर्ति योजना के संचालन का जिम्मा JUSCO को दिया जाये। साथ ही MVWSC कमेटी को प्रभावी बनाने के लिए इसमें विधायक, जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य, प्रखंड विकास पदाधिकारी को मीटिंग में बुलाकर सुझाव लिया जाये। MVWSC कमेटी की बैठक समय-समय पर आयोजित की जाये। अभी तक कई पंचायतों में एक भी बैठक आयोजित नहीं की गयी है। इसके अलावा संवेदक को वेतन भुगतान के बाद उनके वर्क एग्रीमेंट के अनुरूप इंटकवेल एवं टंकी की सफाई, फटे पाइप का मरम्मति करण युद्ध स्तर पर करवाया जाये।
उन्होंने आगे कहा, "जलकर की वसूली के लिए प्रत्येक उपभोक्ता को एक कस्टमर नंबर दिया जाये एवं ऑनलाइन पेमेंट की भी व्यवस्था की जाए, ताकि ज़्यादा से ज़्यादा लोग जलकर जमा कर पायेंगे।" परितोष कुमार ने बताया कि इन सब मुद्दों को लेकर बहुत जल्द उपयुक्त से मिलकर समस्या के जड़ से समाधान का प्रयास किया जायेगा।
