द फॉलोअप डेस्क
गुमला जिले में केंद्र और राज्य सरकार के निर्देशानुसार 17 सितंबर से 02 अक्टूबर तक आदि कर्मयोगी अभियान के तहत ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया। इस अभियान में 616 चिन्हित ग्रामों में ग्रामीण सहभागिता से विकास योजनाओं की समीक्षा और क्रियान्वयन का नया अध्याय शुरू किया गया। इस अवसर पर जिले के 12 प्रखंडों के जनजातीय बहुल गांवों में ग्राम सभाएं आयोजित की गईं, जिसमें कुल 1,31,915 परिवारों को शामिल किया गया और इनकी कुल जनसंख्या 7,24,812 रही, जिनमें से 77.96% (565,099) लोग ST वर्ग से संबंधित हैं।
ग्राम सभाओं में विजन 2030 के तहत ग्रामीण आजीविका, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, स्वच्छता, पोषण, किसान कल्याण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन चर्चा की गई। अधिकारियों ने योजनाओं की जानकारी दी और लाभ लेने की प्रक्रिया, पारदर्शिता और सामुदायिक सहभागिता पर विशेष जोर दिया। घाघरा, गुमला, बिशुनपुर, डुमरी, चैनपुर जैसे प्रमुख ब्लॉकों में विकास कार्यों के लिए ठोस योजनाएं बनाई गईं।
जिला कल्याण पदाधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के मार्गदर्शन में तैयार किए गए विलेज एक्शन प्लान को ब्लॉक और जिला स्तरीय योजना के रूप में सम्मिलित कर क्रियान्वित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा चलाए गए जागरूकता अभियान से आदिवासी समुदाय में नई चेतना और अधिकारों के प्रति जागरूकता आई है। ग्राम सभाओं में ग्रामीणों की समस्याओं, सुझावों और उनके समाधान पर गंभीरता से विचार किया गया। जन जागरूकता और भागीदारी से ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं को तेज गति से लागू करने की दिशा में ठोस कार्य किए जा रहे हैं। अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को उनके अधिकारों के बारे में जानकारी देना और उन्हें विकास प्रक्रियाओं में साझीदार बनाना है।
