द फॉलोअप डेस्क
झारखंड सरकार द्वारा मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के विरुद्ध चलाए गए राज्यव्यापी जागरूकता अभियान का समापन आज रांची स्थित शोरी सभागार, डोरंडा में आयोजित एक भव्य समारोह के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में राज्य की ग्रामीण विकास मंत्री, दीपिका पाण्डेय सिंह उपस्थित रहीं।
10 जून से प्रारंभ हुए इस विशेष अभियान ने केवल 14 दिनों में व्यापक जन सहभागिता और उल्लेखनीय उपलब्धियों के साथ राज्य के नशा मुक्ति अभियान को एक नई दिशा दी। इस दौरान राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में 12,000 से अधिक जन-जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। लगभग 27,000 एकड़ में फैली अवैध अफीम की खेती का विनाश कर नशे के कारोबार को बड़ा झटका दिया गया। 3,000 से अधिक विद्यालयों में 22 लाख छात्रों ने सक्रिय रूप से भागीदारी कर समाज को नशे के विरुद्ध एकजुटता का संदेश दिया। हज़ारों मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षित किया गया, जो अपने-अपने क्षेत्रों में आगे जागरूकता का संचार करेंगे।
इस अवसर पर झारखंड सरकार द्वारा https://resist.jharkhand.gov.in नामक वेबसाइट भी लॉन्च की गई, जो भविष्य में नशा मुक्ति और पुनर्वास से जुड़ी जानकारी, संसाधन और रिपोर्टिंग प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य करेगी।
मंत्री दीपिका पाण्डेय सिंह ने अपने संबोधन में कहा, “नशा एक ज़हर है, जो युवाओं के सपनों और समाज की ऊर्जा को निगल रहा है। यह अभियान केवल एक शुरुआत है, हमारा लक्ष्य है, नशा मुक्त युवा, आत्मनिर्भर झारखंड। हम पुनर्वास, पुनर्संस्कार और पुनर्निर्माण के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं।”
समापन कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं, सामाजिक संगठनों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं ग्राम प्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न पोस्टर, नारे और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से नशे के खिलाफ एकजुटता का संकल्प दोहराया गया।
झारखंड सरकार नशे के विरुद्ध इस अभियान को सतत रूप से जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में इसे और अधिक प्रभावशाली और व्यापक बनाने की दिशा में कार्य करेगी।
