द फॉलोअप डेस्क
गुमला जिला के घाघरा गुमला नेशनल हाईवे पर छठ नदी के पास पिछले तीन महीने से एक विशाल गड्ढा अब स्थानीय लोगों की जान के लिए खतरा बन चुका है। इस गड्ढे में आए दिन बड़े वाहन जैसे बस और ट्रक फंस जाते हैं। वहीं छोटी गाड़ियों के लिए इस मार्ग को पार करना मुश्किल हो गया है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों और महिला स्कूटी सवारों को हो रही है। कई बार बच्चे इस गड्ढे में गिरकर घायल हो चुके हैं। वहीं महिलाएं स्कूटी से गिरकर चोटिल हो गई हैं। इसके बावजूद संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधि समस्या के प्रति पूरी तरह से उदासीन दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले तीन महीने से यह गड्ढा जस का तस है और नेशनल हाईवे विभाग आंखों पर पट्टी बांधकर घूम रहा है। लोगों का आक्रोश अब बढ़ने लगा है।यदि शीघ्र सड़क मरम्मत नहीं की गई तो किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क गुमला से घाघरा और आसपास के कई प्रखंडों को जोड़ती है। ऐसे में प्रतिदिन हजारों लोग इस सड़क से गुजरते हैं।खराब सड़क के कारण न केवल वाहन चालक परेशान हैं बल्कि आमजन के लिए भी यह एक बड़ी चुनौती बन गई है।
स्कूल जाने वाले बच्चे अक्सर इस गड्ढे में गिरकर घायल हो रहे हैं जिससे माता-पिता बच्चों की सुरक्षा को लेकर लगातार चिंतित हैं। बरसात के समय यह गड्ढा और खतरनाक हो जाता है और अभिभावक बच्चों को ले जाते वक्त हमेशा डर और सहम के बीच रहते हैं। स्थानीय लोगों ने कई बार विभागीय अधिकारियों को सूचना दी है लेकिन अब तक कोई सुधारात्मक कदम नहीं उठाया गया है जिससे गुस्सा बढ़ता जा रहा है।
तीन महीने से सड़क की बदहाली जस की तस बनी हुई है और अधिकारी तथा जनप्रतिनिधि पूरी तरह मौन हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि नेताओं को केवल चुनाव के समय जनता की याद आती है, वे वोट मांगने तो पहुंच जाते हैं लेकिन सड़क समस्या पर ध्यान नहीं देते। आक्रोशित ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी है और कहा है कि समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो बड़ा विरोध प्रदर्शन होगा।
सरकार वाहन मालिकों से हर साल टैक्स के नाम पर लाखों रुपए वसूलती है लेकिन सड़क की हालत बेहद शर्मनाक बनी हुई है। आरटीओ और परिवहन विभाग टैक्स वसूली में सख्त हैं मगर सड़क रखरखाव में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब सड़क ही सुरक्षित नहीं तो टैक्स वसूली का औचित्य क्या है।नेशनल हाईवे पर गड्ढों से दुर्घटनाएं आम हो चुकी हैं और लोगों की मांग है कि टैक्स वसूली की तरह सड़क मरम्मत पर भी सरकार जिम्मेदारी दिखाए।
