द फॉलोअप डेस्क
इंजीनियर्स डे के अवसर पर गुमला पॉलिटेक्निक के छात्रों ने एक से बढ़कर एक मॉडल प्रस्तुत किए। यह मॉडल गुमला के बच्चों की सकारात्मक सोच को दर्शा रहे थे। कभी नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में पहचाने जाने वाले गुमला में जब ऐसे मॉडल प्रस्तुत किए गए, तो वे सभी को आश्चर्यचकित कर रहे थे। चाहे वह वेस्ट मैनेजमेंट से संबंधित हो, घर में शॉर्ट सर्किट से बचाव के उपाय हों, या फिर सस्पेंशन ब्रिज का निर्माण छात्रों की हर प्रस्तुति सराहनीय रही।
कार्यक्रम में छात्रों का उत्साह बढ़ाने के लिए डीएफओ गुमला और एडिशनल कलेक्टर गुमला भी उपस्थित रहे। उन्होंने उत्कृष्ट मॉडल बनाने वाले छात्रों को सम्मानित किया और सभी के प्रयासों को देश के भविष्य में बदलाव का आधार बताया। अधिकारियों ने छात्रों द्वारा बनाए गए मॉडल्स की सराहना करते हुए कहा कि ये नवाचार गुमला के भविष्य को उज्ज्वल बनाते हैं।
डीएफओ गुमला अहमद बिलाल अनवर ने कहा कि बच्चों का इस तरह के मॉडल प्रस्तुत करना उनकी प्रतिभा को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि गुमला जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्र में इस स्तर की रचनात्मकता और तकनीकी समझ दिखाना बहुत बड़ी बात है। वहीं एडिशनल कलेक्टर ने कहा कि बच्चों द्वारा बनाए गए मॉडल यह संकेत देते हैं कि आने वाले समय में गुमला शिक्षा का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रशासन बच्चों की प्रतिभा को निखारने के लिए हरसंभव सहयोग करेगा और उनके उज्जवल भविष्य के लिए हर कदम उठाएगा।
पॉलिटेक्निक कॉलेज के डायरेक्टर अभिजीत कुमार ने बताया कि उनका प्रयास रहता है कि कॉलेज के छात्रों को ऐसा माहौल मिले, जिससे वे न केवल अच्छी शिक्षा प्राप्त करें बल्कि नवाचार की दिशा में भी आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि कॉलेज चाहता है कि छात्र ऐसे मॉडल बनाएं जो आम लोगों के दैनिक जीवन में उपयोगी हों और अन्य छात्र भी उनसे प्रेरणा लेकर आगे बढ़ें।
प्रदर्शनी में पॉलिटेक्निक के छात्रों द्वारा कई बेहतरीन मॉडल प्रस्तुत किए गए। छात्रों ने खुलकर बताया कि कैसे उनके मॉडल का प्रयोग करके आम जीवन को बेहतर बनाया जा सकता है। वे अपने मॉडलों को लेकर काफी उत्साहित थे। एक छात्र ने बताया कि उसका मॉडल शॉर्ट सर्किट की समस्या से बचाव में मदद करता है। वहीं एक छात्रा ने बताया कि उसका मॉडल एक सस्पेंशन ब्रिज पर आधारित है, जो तेज़ बहाव वाली बड़ी नदियों में भी मजबूती से खड़ा रह सकता है।