द फॉलोअप डेस्क
गुमला जिले में इन दिनों आत्महत्या की घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है, जो पूरे समाज के लिए चिंता का विषय बन गई है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इन घटनाओं के प्रति न तो समाज में कोई गंभीर चिंता देखी जा रही है और न ही प्रशासनिक स्तर पर इन्हें रोकने के लिए कोई ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इससे यह साफ जाहिर होता है कि हमारे समाज में इस बढ़ती हुई समस्या को लेकर कोई गंभीर नहीं है।
हालांकि, गुमला के सिविल सर्जन डॉक्टर शंभू कुमार चौधरी ने इस समस्या को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि आजकल छोटी-छोटी बातों को लेकर आत्महत्या की घटनाएं बढ़ रही हैं, जो समाज के लिए बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस विषय पर पूरे समाज को जागरूक करने की आवश्यकता है और प्रशासन को भी सक्रिय कदम उठाने चाहिए।
सिविल सर्जन ने बताया कि इस दिशा में उनका प्रयास है कि स्कूलों और कॉलेजों में जाकर बच्चों को काउंसलिंग प्रदान की जाए। यह काउंसलिंग विशेष रूप से उन बच्चों के लिए होगी, जो छोटी-छोटी समस्याओं के कारण मानसिक तनाव में रहते हैं। काउंसलिंग के माध्यम से उन्हें यह बताया जाएगा कि कैसे वे अपने मानसिक दबाव से बाहर निकल सकते हैं और समस्याओं का समाधान ढूंढ सकते हैं। डॉक्टर शंभू कुमार ने यह भी बताया कि आजकल के बच्चे अत्यधिक महत्वाकांक्षी होते हैं और हर चीज तुरंत पाना चाहते हैं, बिना यह समझे कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति क्या है और क्या वह चीज हासिल करने के लिए आवश्यक संसाधन जुटा सकते हैं। इस तनावपूर्ण मानसिकता का भी एक बड़ा कारण आत्महत्या की घटनाओं में वृद्धि है। उन्होंने कहा कि अगर इस मुद्दे पर जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में यह समस्या और भी गंभीर हो सकती है। गुमला में बढ़ती आत्महत्या की घटनाएं इस बात का स्पष्ट संकेत हैं कि इस दिशा में कोई गंभीर पहल नहीं की जा रही है, जो समाज और युवा पीढ़ी के लिए चिंता का कारण है।
