द फॉलोअप डेस्क
गुमला के ग्रामीण क्षेत्र में मेहनती ग्रामीण अपने बलबूते पर गांव में ही रोजगार के अवसर ढूंढकर अच्छी खासी कमाई कर रहे हैं। यह उदाहरण अन्य किसानों के लिए प्रेरणा स्रोत बन सकता है। जहां एक ओर लोग रोजगार के अभाव में गांव छोड़कर पलायन करने को मजबूर हो जाते हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ किसान अपने गांव में ही रोजगार के बेहतर विकल्प तलाश कर जीवन को सुधारने की कोशिश कर रहे हैं।
सरकार की विभिन्न योजनाएं आज भी उपलब्ध हैं, जिनके माध्यम से ग्रामीण आसानी से रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकते हैं। गुमला जिले के रायडीह प्रखंड के स्प्रिंगा गांव में एक ग्रामीण ने कृषि विभाग और भारत सरकार के सहयोग से नर्सरी खोलकर अच्छी खासी कमाई की है। इस नर्सरी को देखने के लिए कृषि विभाग के अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ भी पहुंचे थे, और उनका मानना है कि यह प्रयास अन्य ग्रामीणों के लिए एक बेहतरीन उदाहरण हो सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर किसान आधुनिक तकनीक का उपयोग करें तो वे अपने गांव में ही रोजगार के अवसर उत्पन्न कर सकते हैं, जो उनके पारंपरिक कृषि से जुड़ा हो। इस तरह से न केवल आर्थिक दृष्टि से ग्रामीणों को फायदा हो रहा है, बल्कि उनके सम्मान में भी इजाफा हो रहा है। ग्रामीणों के परिवारवालों का कहना है कि थोड़ी सी मेहनत करके अच्छी खासी कमाई की जा रही है। नर्सरी में तैयार किए गए पौधे स्थानीय दुकानों में भी बिकते हैं और लोग खुद आकर इन पौधों को खरीदते हैं। ऐसे में यह एक बेहतरीन अवसर है, बस किसानों को जागरूक करने की जरूरत है।
