रांची
झारखंड में स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य सरकार ने डायनेमिक एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (DACP) लागू करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। इस फैसले को डॉ. इरफान अंसारी की पहल और हेमंत सोरेन के नेतृत्व से जोड़ा जा रहा है।
सरकार का मानना है कि डॉक्टरों को सम्मान और बेहतर अवसर देने से ही स्वास्थ्य सेवाओं में वास्तविक सुधार संभव है। इस निर्णय से राज्य के करीब 167 डॉक्टरों को सीधा लाभ मिलेगा, जिससे उनके वेतन और करियर ग्रोथ दोनों में सुधार होगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अगर स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाना है तो डॉक्टरों को सुविधाएं और सम्मान देना जरूरी है। DACP लागू होने से डॉक्टरों में नई ऊर्जा और समर्पण देखने को मिलेगा, जिससे मरीजों को भी बेहतर इलाज मिल सकेगा। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा, “व्यवस्थाएं बदलनी हैं तो सुविधाएं देनी होंगी, और स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारनी है तो डॉक्टरों को सम्मान देना होगा।” उन्होंने बताया कि इस नई व्यवस्था के तहत राज्य के लगभग 167 डॉक्टरों को लाभ प्रदान किया जा रहा है, जिससे उनके वेतन में वृद्धि होगी और कार्य के प्रति उनकी ऊर्जा, समर्पण और दक्षता में और अधिक निखार आएगा।
.jpeg)
हालांकि इस योजना से सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा, लेकिन इसे जनता के हित में जरूरी कदम बताया गया है। सरकार का फोकस सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देना है।
सरकार ने स्वीकार किया कि पिछले दो दशकों में स्वास्थ्य क्षेत्र को उतनी प्राथमिकता नहीं मिली, जितनी मिलनी चाहिए थी। लेकिन अब मौजूदा सरकार इसे शीर्ष प्राथमिकता बनाकर ठोस सुधार लागू कर रही है। यह भी बताया गया कि DACP लागू करने का वादा पहले ही किया गया था, जिसे अब पूरा कर दिया गया है। इससे सरकार की प्रतिबद्धता और जवाबदेही भी सामने आई है।
डॉक्टरों में उत्साह, आगे और सुधार के संकेत
इस फैसले के बाद राज्य के डॉक्टरों में उत्साह का माहौल है। उम्मीद जताई जा रही है कि इससे दूसरे राज्यों के डॉक्टर भी झारखंड की ओर आकर्षित होंगे, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत होंगी। झारखंड स्टेट हेल्थ सर्विसेज एसोसिएशन (झासा) के प्रतिनिधियों ने भी इस व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए सुझाव दिए हैं। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि DACP सिस्टम को और सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाएगा, ताकि डॉक्टर बिना किसी बाधा के अपनी सेवाएं दे सकें। यह पहल झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था में एक बड़े बदलाव की शुरुआत मानी जा रही है, जिससे आने वाले समय में आम जनता को सीधा लाभ मिलेगा।
