रांचीः
बीजेपी विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी के खिलाफ दल-बदल के मामले में स्पीकर न्यायाधिकरण में आज सुनवाई हुई। न्यायाधिकरण में निर्धारित 8 बिंदुओं पर सुनवाई की गई। बाबूलाल मरांडी के अधिवक्ता आर एन सहाय ने कहा कि सुनवाई कानूनी और संवैधानिक रूप से नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि जब तक प्रारंभिक आपत्ति पर न्यायाधिकरण का निर्णय नहीं हो जाता तब तक केस के मेरिट पर सुनवाई नहीं हो सकती।

इन बिंदुओं पर होनी थी सुनवाई
कांग्रेस विधायक दीपिका पांडेय सिंह द्वारा की गई देर से शिकायत के कारण यह सुनने योग्य है या नहीं है।
16 फरवरी 2020 को बाबूलाल मरांडी ने विधानसभा सचिवालय को सूचित किया था कि वे भाजपा में शामिल हुए हैं। उस दिन झारखंड विकास मोर्चा के सदस्यों की संख्या कितनी थी और कौन-कौन झाविमो विधानमंडल दल के सदस्य थे।
बाबूलाल मरांडी द्वारा यह सूचित किया जाना संविधान की 10वीं अनुसूची के मुताबिक झारखंड विकास मोर्चा की सदस्यता स्वेच्छा से छोड़ना माना जाएगा या नहीं।

इस प्रकार अकेले भाजपा में बाबूलाल मरांडी के शामिल होने से उन्हें दसवीं अनुसूची का लाभ प्राप्त होगा या नहीं।
बाबूलाल मरांडी द्वारा प्रदीप यादव और बंधु तिर्की को निष्कासित किए जाने के बाद झारखंड विकास मोर्चा विधानमंडल दल की संख्या पूर्ववत रही या नहीं।
बाबूलाल संवैधानिक प्रविधानों के मुताबिक दल परिवर्तन के नियम के तहत अयोग्य (निरहर्ता) हुए या नहीं।
यदि बाबूलाल मरांडी दल की निरहर्ता हो तो वह किस तिथि से प्रभावी होगी।