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Jharkhand : अंकिता ह'त्याकांड मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने सरकार पर दागे तीखे सवाल

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रांची:
दुमका में हुए अंकिता हत्याकांड मामले में स्वत: संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट (Jharkhand HighCourt) में सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन (Ravi Ranjan) व जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद (Sujit Narayan Prasad) की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार (Central Minister) और राज्य सरकार (State Government) से कुछ सवाल किए हैं। मामले में दोनों सरकार को जवाब दायर करने का निर्देश दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई 4 नवंबर को होगी।


राज्य सरकार से पूछे ये सवाल
खंडपीठ ने राज्य सरकार से पूछा कि पेट्रोल कांड में गंभीर रूप से घायल अंकिता को किस परिस्थिति में दुमका से रांची लाया गया था। वह कितनी प्रतिशत जली थी। डीजीपी को जवाब शपथ पत्र के माध्यम से देने का निर्देश दिया।
देवघर एम्स में सुविधाओं को लेकर किया सवाल
खंडपीठ ने केंद्र सरकार से देवघर एम्स में सुविधाओं को लेकर सवाल किया है। खंडपीठ जानना चाहती है कि देवघर एम्स में आम मरीजों के इलाज की क्या-क्या सुविधाएं उपलब्ध करायी गयी हैं। वहां बर्न वार्ड है अथवा नहीं। मामले में केंद्र सरकार को जवाब दायर करने का निर्देश दिया। बता दें कि इससे पूर्व राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता पीयूष चित्रेश ने पक्ष रखा, जबकि केंद्र सरकार की ओर से एएसजीआइ वरीय अधिवक्ता अनिल कुमार ने पैरवी की।


बीते 23 अगस्त को सुबह लगा दिया था आग
दुमका में बीते 23 अगस्त को सुबह करीब 5 बजे शाहरुख अंसारी नाम के एक सरफिरे ने घर में सो रही अंकिता पर पेट्रोल डालकर जला दिया था। दर्द से तड़पती पीड़िता ने 28 अगस्त को दम तोड़ दिया था। इस मामले में पीड़िता के बयान पर आरोपी शाहरुख को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया था जबकि नईम अंसारी को पीड़िता की मौत के बाद गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने इस मामले में आरोपी के खिलाफ पोस्को एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस मामले को लेकर राज्य में सियासी उबाल भी देखने को मिला था।