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रांची : सुरेश बैठा की याचिका पर समरी लाल ने दी गवाही, कहा-रांची में साल 1950 से रहने का कोई दस्तावेजी प्रमाण नहीं

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रांची:
झारखंड हाईकोर्ट में दाखिल कांग्रेस नेता सुरेश बैठा (Suresh Baitha) की इलेक्शन पिटीशन पर आज सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान विधायक समरी लाल (Samri Lal) की गवाही पेश की गई। उन्होंने अपनी गवाही में बताया कि मेरी पत्नी राजस्थान में रहती है और वहां सरकारी टीचर है। उन्होंने यह भी बताया कि रांची में वर्ष 1950 से रहने का कोई दस्तावेजी प्रमाण नहीं है। अब इस मामले में अगली सुनवाई मंगलवार को होगी। इस दिन दूसरे गवाहों का बयान अदालत में दर्ज किया जाएगा। बता दें कि सुरेश बैठा की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा, विभास सिन्हा और अविनाश अखौरी ने पक्ष रखा। वहीं  समरी लाल की ओर से अधिवक्ता अमर कुमार सिन्हा ने पक्ष रखा था।


क्या है मामला
बता दें कि 2019 विधानसभा चुनाव में कांके विधानसभा की आरक्षित सीट से कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार सुरेश बैठा और बीजेपी के प्रत्याशी समरी लाल चुनाव लड़े थे। जिसमें प्रत्याशी समरी लाल को जीत मिली थी। इसके बाद सुरेश बैठा ने झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर समरी लाल के निर्वाचन को रद्द करने की मांग की है। इसके पीछे उन्होंने आधार दिया है कि समरी लाल द्वारा चुनाव के दौरान दिया गया जाति प्रमाण पत्र गलत है।