रामगढ़
मुख्यमंत्री (Chief Minister) हेमंत सोरेन ने आज रामगढ़ जिले के अपने पैतृक गांव नेमरा में अपनी माता स्वर्गीय मती रूपी सोरेन के दशकर्म संस्कार (Dashakarma Ritual) की सभी रस्में (rituals) परिवार के सदस्यों, परिजनों एवं स्थानीय ग्रामीणों के साथ पूरी श्रद्धा एवं आस्था (faith and devotion) के साथ स्थानीय रीति-रिवाजों (local customs), सामाजिक परंपराओं (social traditions) तथा विधि-विधान (prescribed rituals) के अनुरूप संपन्न कीं। बता दें कि रूपी सोरेन का निधन 7 अक्तूबर को हो गया था। उनके निधन पर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, चंपाई सोरेन, रघुवर दास सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं ने शोक व्यक्त किया था। बाबूलाल मरांडी ने ट्वीट कर कहा था कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माताजी के निधन की सूचना से उनका मन अत्यंत व्यथित है। इस दुख की घड़ी में उनकी संवेदनाएं शोकाकुल परिवार के साथ हैं। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को दुख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की थी।

रघुवर दास ने बताया ममता का स्वरूप
पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने भी रूपी सोरेन के निधन पर गहरा दुख जताया था। उन्होंने कहा था कि दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन की धर्मपत्नी और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता रूपी सोरेन के निधन की सूचना से वह मर्माहत और स्तब्ध हैं। उन्होंने रूपी सोरेन को ममता का स्वरूप बताते हुए कहा था कि उनका दिया पुत्रवत स्नेह हमेशा उनकी याद दिलाता रहेगा। रघुवर दास ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिजनों को इस दुख को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की थी।
