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रांची : योगेंद्र साव को हाईकोर्ट का निर्देश, 5 दिसंबर तक निचली अदालत में करें सरेंडर

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रांची:
राज्य के पूर्व मंत्री योगेंद्र साव (Yogendra Saw) को झारखंड हाईकोर्ट (Jharkhand Highcourt) ने 5 दिसंबर तक निचली अदालत में सरेंडर करने का निर्देश दिया है। जस्टिस एसके द्विवेदी (Justice SK Dwivedi) की अदालत ने कहा है कि यदि योगेंद्र साव 5 दिसंबर तक निचली अदालत में उपस्थित हो जाते हैं, तो कुर्की-जब्ती का आदेश प्रभावी नहीं होगा। साथ ही निचली अदालत को नियमों के अनुसार निर्णय करने का निर्देश दिया है। 


क्या है मामला 
बता दें कि वर्ष 2012 में योगेंद्र साव और उनके सुरक्षाकर्मी के खिलाफ धमकी देने का मामला जगन्नाथपुर थाना में दर्ज हुआ था। इस केस में रांची सिविल कोर्ट ने योगेंद्र साव के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किया था। इसे रद्द करने के लिए उन्होंने हाई कोर्ट से गुहार लगाई थी। योगेंद्र साव फिलहाल एनटीपीसी भूमि अधिग्रहण से जुड़े आंदोलन के केस में जमानत पर हैं। योगेंद्र साव की ओर से हाई कोर्ट के अधिवक्ता मनीष कुमार ने अदालत में पक्ष रखा था। इसी मामले में निचली अदालत ने इनके खिलाफ कुर्की-जब्ती करने का आदेश पारित किया था।