रांची:
झारखंड हाईकोर्ट (Jharkhand Highcourt) में टेट (TET) पास पारा शिक्षकों के समायोजन से जुड़े मामले पर बुधवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। पिछले सुनवाई में मुख्य न्यायाधीश द्वारा पूछे सवाल पर सरकार ने जवाब दिया। इसके बाद अदालत ने सरकार को रिपोर्ट सौंपने का निर्देश देते हुए बुधवार 30 नवंबर को फिर मामले की सुनवाई करने का निर्देश दिया था। बुधवार में कोर्ट ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद अपने फैसले को सुरक्षित रख लिया है। सुनवाई के दौरान पारा शिक्षकों के मामले में झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा वर्ष 2021 में गठित कमेटी की रिपोर्ट पेश की गई। सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से कहा गया कि पारा शिक्षकों को जो वेतन मिलता है वह सहायक शिक्षक के बराबर मिलना चाहिए। वे लंबे समय से पारा शिक्षक के रूप में काम कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें रेगुलराइज किया जाना चाहिए।

क्या है मामला
याचिकाकर्ता सुनील कुमार यादव एवं अन्य के द्वारा करीब 111 याचिकाएं पारा शिक्षकों के सहायक शिक्षक के रूप में वेतन एवं नियमितिकरण के मामले में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। याचिका में कहा गया है कि पारा शिक्षक 15 वर्ष से अधिक समय से काम कर रहे हैं। पारा शिक्षक पद की अहर्ता भी पूरी करते हैं। याचिका में मुख्य मांग यह की गई है कि राज्य सरकार उनकी सेवा स्थायी करे और उन्हें सहायक शिक्षक के पद पर समायोजित किया जाए। साथ ही समान कार्य के बदले समान वेतन दिया जाए।