द फॉलोअप डेस्क
एनटीपीसी के बानादाग कोल साइडिंग में उस वक्त हालात तनावपूर्ण हो गए जब हाईवा एसोसिएशन और सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने अचानक कन्वेयर बेल्ट से हो रहे कोल लोडिंग ऑपरेशन को रोकने की कोशिश की। तेज बारिश के बावजूद ग्रामीण डटे रहे और NTPC प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान उनकी सीधी टकराव सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ जवानों से भी हुई, लेकिन स्थिति बेकाबू होने से पहले ही प्रशासन के आश्वासन पर लोग शांतिपूर्वक वापस लौट गए।
ग्रामीणों ने पहले ही NTPC पकरी बरवाडीह कोल माइंस के HOP को एक पत्र के माध्यम से अपनी समस्याओं से अवगत कराया था, जिसमें उन्होंने PNM कंपनी के रवैए पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बीते 8 वर्षों से वे NTPC का कोयला ट्रांसपोर्टिंग कर रहे हैं, लेकिन 8 मार्च 2025 से PNM कंपनी को ट्रांसपोर्टिंग का जिम्मा सौंपे जाने के बाद हालात लगातार बिगड़ते गए हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कंपनी बाजार मूल्य पर डीजल देने का वादा कर अब उसमें हेरा-फेरी कर रही है,प्रति गाड़ी 10 से 20 लीटर डीजल कम दिया जा रहा है, तय समय पर भुगतान नहीं हो रहा, मई माह का भुगतान अभी तक लंबित है,खराब सड़कों की मरम्मत नहीं हो रही, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई है, जहां पहले प्रतिदिन तीन ट्रिप होती थीं, अब एक ट्रिप भी मुश्किल से हो रही है। इतना ही नहीं, ग्रामीणों ने यह भी बताया कि अब एक नई कंपनी सारणेश्वर को ट्रांसपोर्टिंग का जिम्मा दे दिया गया है, जो न सिर्फ धमकी दे रही है बल्कि कह रही है कि "दो महीने का पैसा लेकर चले जाएंगे, जो करना है कर लो।"
ग्रामीणों ने साफ कर दिया है कि वे अब PNM कंपनी के साथ काम नहीं करना चाहते। उनका आरोप है कि NTPC के HOP और PNM के अधिकारियों के लिखित आश्वासन के बावजूद हालात में कोई सुधार नहीं हुआ है। अब तो डीजल की आपूर्ति तक रोक दी गई है।
