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झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को सशक्त नहीं बना देता, तब तक चैन से नहीं बैठूंगा- इरफान अंसारी

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द फॉलोअप डेस्क
नामकुम स्थित लोक स्वास्थ्य संस्थान के प्रेक्षागृह में आयोजित एक सम्मान समारोह में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अपने संकल्प को दोहराया। इस कार्यक्रम में कायाकल्प, एनक्वास, लक्ष्य और मुस्कान योजनाओं के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्वास्थ्य संस्थानों को सम्मानित किया गया।

डॉ. इरफान अंसारी ने कहा, “जब तक झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को जनता के अनुकूल और सशक्त नहीं बना देता, तब तक मैं चैन से बैठने वाला नहीं हूं।” उन्होंने अपने काम को पूरी संजीदगी से निभाने का वादा किया और कहा कि राज्य में स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई बड़े बदलाव होने जा रहे हैं।
मंत्री ने आगे कहा, "झारखंड में एक चिकित्सक को अब स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा और परिवार कल्याण विभाग की त्रिस्तरीय जिम्मेदारी सौंपी गई है, और मैं इसे पूरी संजीदगी से निभा रहा हूं। राज्य में 6 नए मेडिकल कॉलेज स्थापित हो रहे हैं, जिनमें एक जामताड़ा में भी होगा। हाल ही में 126 विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति इसी दिशा में एक बड़ा कदम है।" इसके साथ ही डॉ. अंसारी ने रिम्स-2 की स्थापना को समयबद्ध रूप से पूरा करने की प्रतिबद्धता जताई और कहा कि राज्य में पहली बार रोबोटिक टेक्नोलॉजी से इलाज की सुविधा जल्द शुरू होने जा रही है।

स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के लिए नई घोषणाएं
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने यह घोषणा की कि राज्य के सभी जिला अस्पतालों को चार-चार नए अत्याधुनिक एम्बुलेंस दिए जाएंगे, जिससे मरीजों के आवागमन में क्रांतिकारी सुधार आएगा। मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य के दुर्गम और पहाड़ी इलाकों में मरीजों को खाट या मचिया पर अस्पताल लाने की जो मजबूरी थी, वह अब समाप्त होने जा रही है। उन्होंने निर्देश दिए कि 15,000 स्ट्रेचर जल्द से जल्द गांव स्तर तक उपलब्ध कराए जाएं।
744 स्वास्थ्य संस्थानों को मिला प्रतिष्ठित गुणवत्ता प्रमाणन
इस वर्ष कायाकल्प, एनक्वास, लक्ष्य और मुस्कान योजनाओं के तहत कुल 744 स्वास्थ्य संस्थानों को प्रतिष्ठित प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। रांची सदर अस्पताल को कायाकल्प श्रेणी में देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ और 50 लाख रुपये का पुरस्कार मिला। इको-फ्रेंडली जिला अस्पताल की श्रेणी में भी रांची सदर को प्रथम पुरस्कार मिला और उसे 10 लाख रुपये का चेक प्रदान किया गया। इसके अलावा, सीएचसी ओरमांझी को इको-फ्रेंडली सीएचसी श्रेणी में सम्मानित किया गया। सदर अस्पताल सिमडेगा को एनक्वास एवं लक्ष्य सर्टिफिकेशन प्राप्त हुआ।

स्वास्थ्य संस्थानों की उत्कृष्टता को सराहा गया
इस सम्मान समारोह में 272 संस्थानों को एनक्वास सर्टिफिकेट भी प्रदान किए गए। इनमें 11 सदर अस्पताल, 31 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 48 शहरी/प्राथमिक केंद्र और 380 आयुष्मान आरोग्य मंदिर शामिल हैं। रांची और रामगढ़ सदर अस्पताल को मुस्कान प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया। इस मौके पर उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों ने विजेता संस्थानों को बधाई दी और कहा कि यह सम्मान सिर्फ उपलब्धि नहीं, बल्कि जिम्मेदारी है। अब इन संस्थानों को अन्य केंद्रों को प्रेरित करने का काम करना होगा।
विधायक और अधिकारियों ने स्वास्थ्य कर्मियों के योगदान को सराहा
कार्यक्रम में खिजरी विधायक राजेश कच्छप ने डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के मनोबल को बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया और अनुबंध कर्मियों की गृह जिला पोस्टिंग का मुद्दा उठाया। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, एनएचएम के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, मेडिकल कॉरपोरेशन के एमडी अबु इमरान, डॉ. सिद्धार्थ सान्याल समेत बड़ी संख्या में अधिकारी, विजेता संस्थान और स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।



 

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