द फॉलोअप डेस्क
राजधानी में हुए आर्मी लैंड सहित अन्य जमीन घोटाले में गिरफ्तार किए गए रांची के पूर्व डीसी IAS छवि रंजन को गुरुवार की रात 9.55 बजे ईडी ने गिरफ्तार कर लिया। उनकी गिरफ्तारी के साथ ही ये साफ हो गया कि छवि को निलंबित किया जाएगा। सरकार के स्तर से इसकी तैयारी भी कर ली गई है। बताया जा रहा है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के लेटर आने के बाद इस दिशा में कार्रवाई शुरू हो जाएगी। हालांकि 5 मई 2023 को बुद्ध पूर्णिमा छुट्टी है। लेकिन ऐसी चर्चा है कि ईडी के लेटर के बाद देर शाम तक निलंबन आदेश जारी हो सकता है। बताते चलें कि पूर्व में आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल मामले में भी ईडी के लेटर के बाद ही उन्हें निलंबित किया गया था। मतलब छवि झारखंड के दूसरे आईएएस अफसर होंगे जिन्हें निलंबित किया जाएगा। क्योंकि, पूजा सिंघल के बाद छवि को ईडी ने गिरफ्तार किया है।

24 घंटे के अंदर देनी है केंद्र को सूचना
ईडी के लेटर मिलने के बाद झारखंड सरकार की ओर से छवि को निलंबित करने के 24 घंटे भीतर भारत सरकार के कार्मिक मंत्रालय को इसकी सूचना दी जाएगी। मिली जानकारी के अनुसार रांची के पूर्व डीसी छवि रंजन के खिलाफ विभागीय कार्यवाही भी चलाई जाएगी। बताते चलें कि 2011 बैच के इस आईएएस अधिकारी पर रांची डीसी रहते हुए कई गंभीर आरोप लगे हैं।

रिमांड पर लेने का कोर्ट से आग्रह कर सकती है ईडी
छवि रंजन की मेडिकल जांच ईडी कोर्ट में पेश करने से पहले कराई गई। सदर अस्पताल के डॉक्टरों की देखरेख में शुक्रवार को छवि रंजन की मेडिकल जांच की गई। छवि रंजन का बीपी, सुगर, पल्स सभी सामान्य है। साथ ही कोविड टेस्ट भी निगेटिव पाया गया। मिली जानकारी के अनुसार छवि रंजन को ईडी की विशेष अदालत में पेश करने के बाद एजेंसी उनके रिमांड को लेकर अदालत से आग्रह करेगी।

इसलिए ईडी की रडार पर थे छवि
रांची के डीसी रहने के दौरान छवि के कार्यकाल में बड़े पैमाने पर फर्जी कागजों के आधार पर जमीन की खरीद बिक्री की बात सामने आई। इनमें सबसे प्रमुख बरियातू स्थित सेना की जमीन थी। जांच में यह सामने आया कि बरियातू में सेना की 4.55 एकड़ जमीन को फर्जी कागजात के जरिए कोलकाता के प्रदीप बागची ने जगत बंधु टी एस्टेट को बेच दी थी। इस जमीन की सरकारी दर 20 करोड़ 75 लाख 84200 रुपये थी। लेकिन इसकी बिक्री महज 7 करोड़ शो की गई। इसमें भी 25 लाख रुपये प्रदीप बागची के खाते में आए थे। बाकी बचे पैसों के संबंध में डीड में जानकारी दी गई कि इसे चेक से भुगतान किया गया। मगर जब ईडी ने चेक के जरिए भुगतान किए जाने की जांच की तो सामने आया कि खातों में पैसे गए ही नहीं। यानी, खरीद-बिक्री को सही दर्शाने के लिए चेक से राशि भुगतान की गलत जानकारी डीड में दी गई थी। बताया जा रहा है कि ईडी ने अपनी जांच में यह भी कहा परिजनों के खातों में बड़े ट्रांजेक्शन और लाभान्वित होने के सबूत ईडी को मिले हैं। जमीन की रजिस्ट्री करने वाले सब रजिस्ट्रार घासीराम पिंगुआ ने भी अपने बयान में बताया था कि डीसी के आदेश पर उन्होंने जमीन की रजिस्ट्री की थी। रांची के बजरा में भी 7.16 एकड़ जमीन की घेराबंदी से लेकर म्यूटेशन तक में डीसी रहते छवि रंजन की भूमिका काफी संदेहास्पद रही।
हमारे वाट्सअप ग्रुप से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें : https://chat.whatsapp.com/EUEWO6nPYbgCd9cmfjHjxT