नंदलाल तुरी
जिला परिवहन विभाग की ओर से आज रविवार 12 अक्टूबर को जिला मुख्यालय में ऑटो एवं टोटो के सुलभ एवं व्यवस्थित परिचालन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) मिथिलेश कुमार चौधरी ने की। बैठक में जिले में संचालित सभी तीन पहिया वाहनों (ऑटो/टोटो) के सुरक्षित, वैध एवं सुगम परिचालन हेतु कई अहम निर्देश जारी किए गए। डीटीओ ने स्पष्ट निर्देश दिया कि 1 नवंबर 2025 से बिना पंजीकरण वाले या अवैध तीन पहिया वाहनों का परिचालन जिले में पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
पश्चिम बंगाल एवं अन्य राज्यों से आने वाले बाहरी ऑटो व टोटो को चांदपुर अंतरराज्यीय चेकपोस्ट पर बने निर्धारित वाहन पड़ाव स्थल पर ही सवारी उतारनी होगी। वहीं नाबालिग चालकों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी तथा उनके अभिभावकों से पी.आर. बांड या एफिडेविट लिया जाएगा। जिला परिवहन पदाधिकारी ने सभी चालकों के लिए ड्रेस कोड निर्धारित करते हुए कहा कि ऑटो चालकों को खाकी रंग एवं टोटो चालकों को नीला रंग की वर्दी पहनना अनिवार्य होगा। इसके अलावा वैध ड्राइविंग लाइसेंस और आई कार्ड भी जरूरी होंगे। नगर परिषद एवं अंचल अधिकारी को निर्देश दिया गया है कि चांदपुर बॉर्डर पर बने वाहन पड़ाव स्थल पर सफाई, पानी, शौचालय एवं बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं 1 नवंबर 2025 तक सुनिश्चित की जाएं।
सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रचार-प्रसार हेतु प्रमुख स्थानों पर सूचनात्मक बोर्ड लगाए जाएंगे। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन स्वामियों एवं चालकों पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। बैठक में जिला ऑटो/टोटो संघ के प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया तथा कुल 39 नए आवेदन (आई कार्ड एवं नंबरिंग हेतु) एवं 30 चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निर्माण हेतु आवेदन जिला परिवहन पदाधिकारी को सौंपे।
डीटीओ मिथिलेश कुमार चौधरी ने कहा, "जिला पाकुड़ को जाममुक्त एवं सुरक्षित यातायात वाला शहर बनाने में सभी वाहन मालिकों व चालकों का सहयोग अत्यंत आवश्यक है। नियमों का पालन ही यातायात व्यवस्था में सुधार का मूल आधार है।" इस अवसर पर पुलिस उपाधीक्षक (यातायात) जितेन्द्र कुमार, नगर परिषद प्रशासक अमरेंद्र कुमार चौधरी, अंचलाधिकारी पाकुड़ अरविंद बेदिया, नगर थाना प्रभारी बबलू कुमार, मुफस्सिल थाना प्रभारी गौरव कुमार एवं ऑटो/टोटो संघ के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
