नंदलाल तुरी
सरकार जहां किसानों की आय दोगुनी करने की बात करती है, वहीं पाकुड़ जिले के हिरणपुर प्रखंड में एक खदान संचालक ने किसानों की उम्मीदों पर ही मिट्टी डाल दी है। मुर्गाडांगा स्थित एम/एस जे.ज़ेड. स्टोन वर्क्स के खदान मालिक ने सरकारी केनाल पर बेशर्मी से अतिक्रमण कर उसे मिट्टी से पाट दिया है। अब वही केनाल, जो कभी किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाती थी, आज धूल फांक रही है।
जानकारी के मुताबिक, खदान तक सड़क बनाने के नाम पर खदान संचालक ने सरकारी भूमि पर कब्जा जमाया और केनाल के ऊपर ही रास्ता बना डाला। इस हरकत से न सिर्फ पानी का बहाव रुक गया, बल्कि आसपास के दर्जनों किसानों की फसलें सूखने की कगार पर पहुंच गई हैं। ग्रामीण संतोष हेम्ब्रम और सिराजुल शेख बताते हैं कि जब सरकार ने इस केनाल का निर्माण कराया था, तब पूरे इलाके के खेत हरे-भरे रहते थे। “अब खदान मालिक ने लालच में आकर हमारे खेतों की हरियाली ही छीन ली,” किसानों का दर्द छलकता है।
सबसे हैरानी की बात यह है कि इतने बड़े पैमाने पर सरकारी केनाल की मिट्टी भर दी गई, और अंचल प्रशासन अब तक मौन है। स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं, “क्या प्रशासन की आंखों पर खदान माफिया की मिट्टी पड़ गई है?” ग्रामीणों ने मांग की है कि जिला प्रशासन तुरंत मौके पर जांच दल भेजे, अवैध सड़क को हटाया जाए और दोषी खदान संचालक पर सख्त कार्रवाई की जाए। बुद्धिजीवियों का मानना है कि यह मामला केवल एक केनाल का नहीं, बल्कि किसानों की जीविका पर हमला है। जब सरकारी योजनाओं पर इस तरह मुनाफाखोर हाथ साफ करेंगे, तो विकास की धारा कैसे बहेगी? जिला प्रशासन को चाहिए कि इस मामले में उदाहरण पेश करे ताकि भविष्य में कोई भी सरकारी संसाधनों को अपने मुनाफे की राह का पत्थर न बना सके।
