द फॉलोअप डेस्क
जामताड़ा जिले के फतेहपुर प्रखंड में विकास के दावों और जमीनी हकीकत के बीच का अंतर एक बार फिर उजागर हुआ है। 16 मार्च को ‘द फॉलोअप’ में खबर प्रकाशित होने के बाद पवनमोड़ से लाकड़टांगा तक जाने वाली करीब तीन किलोमीटर लंबी मुख्य सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर सियासत और जनाक्रोश तेज हो गया है। ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही मांग के बाद प्रशासन ने इस सड़क के निर्माण की प्रक्रिया तो शुरू की, लेकिन यह केवल कागजों तक ही सीमित रह गई। एक वर्ष पहले बड़े स्तर पर इस सड़क का शिलान्यास किया गया था, जिससे लोगों में उम्मीद जगी थी कि जल्द ही उनकी परेशानी दूर होगी। हालांकि, एक साल बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। वर्तमान में सड़क गहरे गड्ढों और कीचड़ से भरी हुई है, जिससे आवागमन में भारी परेशानी हो रही है।
द फॉलोअप में खबर प्रकाशित होने के बाद भाजपा रेस हुई और ऐसे मने इस मुद्दे को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए पैदल मार्च निकाला। इस आंदोलन का नेतृत्व भाजपा के वरिष्ठ नेता माधव चंद्र महतो कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने विभाग और स्थानीय विधायक की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह सड़क तलपोखरिया स्कूल के पास से गुजरती है, जहां से प्रतिदिन सैकड़ों छात्र-छात्राएं आते-जाते हैं और कीचड़ के कारण उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने यह भी बताया कि यह सड़क ब्लॉक कार्यालय, अस्पताल, डिग्री कॉलेज और फतेहपुर बाजार को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है, बावजूद इसके इसकी स्थिति अत्यंत खराब बनी हुई है। माधव चंद्र महतो ने आरोप लगाया कि शिलान्यास केवल दिखावे और राजनीतिक लाभ के लिए किया गया था, जबकि जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं हुआ। भाजपा मंडल इकाई ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल, इस विरोध प्रदर्शन के बाद स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर दबाव बढ़ गया है।
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