नंदलाल तुरी
पाकुड़ जिले के महेशपुर थाना क्षेत्र के नारायणगढ़ गांव स्थित पगला नदी पुल के पास शुक्रवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। एक कलयुगी मां ने अपने नवजात बच्चे को जन्म देने के बाद नदी के किनारे सड़क पर गमछा ओढ़ाकर फेंक दिया। नवजात शिशु की मौत हो चुकी थी और उसका शव सड़क किनारे पड़ा हुआ था। घटना की सूचना मिलते ही महेशपुर थाना प्रभारी रवि शर्मा पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और घटना की छानबीन की। ग्रामीणों के सहयोग से नवजात शिशु को दफनाया गया।
नारायणगढ़ गांव के ग्राम प्रधान संतोष मुर्मू ने बताया कि वह सुबह मवेशी चराने गए हुए थे, तभी उनकी नजर सड़क किनारे स्थित बाबुल के पेड़ के नीचे गमछा में लपेटे हुए नवजात शिशु पर पड़ी। उन्होंने तुरंत महेशपुर पुलिस को इस घटना की सूचना दी। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ की और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से मृत शिशु को गड्ढा खोदकर दफनाया।
इस घटना ने स्थानीय लोगों को गहरे मानसिक आघात से गुजरने पर मजबूर कर दिया। लोग इस जघन्य कृत्य को लेकर चर्चा कर रहे थे। स्थानीय लोगों का कहना था कि यह नवजात बच्चा संभवतः किसी कुंवारी मां का था, जिसे समाज की लोकलाज और डर के कारण पालने की हिम्मत नहीं हुई और उसने अपने बच्चे को फेंक दिया। महेशपुर थाना क्षेत्र में ऐसी घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं, जहां असामाजिक तत्वों या समाज की दबाव के कारण नवजात शिशुओं को फेंक दिया जाता है। स्थानीय लोग यह सवाल कर रहे हैं कि आखिर इस नवजात का क्या कसूर था?
