द फॉलोअप डेस्क
हजारीबाग भवन निर्माण विभाग में टेंडर प्रक्रिया की पारदर्शिता पर उठते सवालों के बीच दर्जनों संवेदकों ने कार्यपालक अभियंता अमित कुमार के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। संवेदकों का आरोप है कि टेंडर निष्पादन में भारी अनियमितता बरती गई और चहेते संवेदकों को फायदा पहुंचाने के लिए नियमों की अनदेखी की गई।
विवाद टेंडर रेफरेंस नंबर BCD/EE/HAZARIBAG/14/02/2025-26 से जुड़ा है, जिसमें विष्णुगढ़ प्रखंड के एक कार्य के लिए तीन संवेदकों ने निविदा डाली थी। संवेदक जगनी देवी के सभी दस्तावेज डिजिटल साइन के साथ जमा थे, फिर भी उनकी तकनीकी बोली को अस्वीकार कर दी गई, जबकि अन्य दो संवेदकों के दस्तावेज बिना डिजिटल साइन के पास कर दिए गए।
इतना ही नहीं, तकनीकी और वित्तीय बीड एक ही दिन खोले गए, जिससे आपत्ति और सुधार की प्रक्रिया को दरकिनार कर दिया गया। उसी दिन अन्य टेंडरों में इन्हीं दो संवेदकों की बोली अस्वीकृत कर दी गई, जिससे पक्षपात की पुष्टि होती है। धरने में जगनी देवी, पार्वती कुमारी, सुरेन्द्र प्रसाद, तारकेश्वर महतो सहित कई संवेदक शामिल हैं। इनका स्पष्ट कहना है कि कार्यपालक अभियंता को बर्खास्त कर निष्पक्ष जांच कराई जाए, अन्यथा आंदोलन और तेज किया जाएगा। हालांकि हमने कार्यपालक अभियंता अमित कुमार से भी उनका पक्ष जानना चाहा परंतु उन्होंने हमारा फोन नहीं उठाया और उनके ऑफिस में उनका केबिन बंद पाया गया।
