रांची
BJP प्रदेश प्रवक्ता और पूर्व आईपीएस अरुण उरांव ने आज जेएमएम प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। कहा कि इंडिया गठबंधन झारखंड में अंतिम सांसें ले रहा है। सुप्रीयो को इसी बात की बौखलाहट है। उरांव ने कहा कि देश में चुनाव आयोग के निर्देश से अब तक 5 राज्यों के 8 डीएम और 12 एसपी बदले गए हैं। इसमें देवघर के एसपी भी शामिल हैं। लेकिन जेएमएम की बौखलाहट बता रही है कि देवघर एसपी राज्य के पुलिस अधिकारी नहीं बल्कि जेएमएम के कार्यकर्ता हैं। उरांव ने कहा कि जेएमएम अपनी हार की छाया से ही डर गया। अभी तो हार का सामना करना बाकी है।

ट्रांसफर-पोस्टिंग आयोग का अधिकार
उरांव ने कहा कि चुनाव आयोग एक निष्पक्ष संवैधानिक संस्था है। ये देश में निष्पक्ष चुनाव कराने केलिए प्रतिबद्ध है। लेकिन जेएमएम अपने आप को इन सभी से ऊपर मानता है। जो संस्था इनके अनुकूल नहीं वह BJP का समर्थक हो जाती है। उन्होंने कहा कि जिस EVM मशीन और चुनाव आयोग को जेएमएम पानी पीकर गाली दे रहा, उसी के द्वारा घोषित परिणाम पर जेएमएम राज्य में सत्ता सुख भोग रहा है। कहा कि अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग आयोग का अधिकार है। शिकायत मिलने पर कारवाई करना उनका कर्तव्य है। जेएमएम की बौखलाहट खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे जैसी है।

पुराने दिन याद करे जेएमएम
उऱांव ने आगे कहा जेएमएम अपनी सरकार के कारनामों को याद करे। कैसे लोहरदगा में स्लीपर सेल की रिपोर्ट करने वाले डीएसपी को रातों-रात ट्रांसफर कर दिया गया था। कैसे तमाड़ चुनाव में एक पुलिस अधिकारी को उग्रवादी के खिलाफ कार्रवाई की सजा भुगतनी पड़ी थी। उन्होंने कहा कि जेएमएम को विश्वास है कि जांच प्रक्रिया स्थानांतरण के बाद भी नही रुकेगी, तो फिर इतनी झल्लाहट क्यों? सरकार उनकी फिर चुनाव आयोग को लपेटने की जरूरत क्यों पड़ी।

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