द फॉलोअप डेस्क
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने जूडो में स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। शुक्रवार को महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में अस्मिता डे ने कनाडा की खिलाड़ी को रोमांचक मुकाबले में हराकर गोल्ड मेडल जीता। निर्धारित समय तक मुकाबला 1-1 की बराबरी पर रहा, जिसके बाद गोल्डन स्कोर के जरिए विजेता का फैसला हुआ। अस्मिता ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए इतिहास रच दिया। वहीं, पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग में हर्ष सिंह और महिलाओं के 57 किलोग्राम वर्ग में यामिनी मौर्या भी फाइनल में पहुंचकर पदक पक्का कर चुके हैं।
बॉक्सिंग और जूडो में बढ़ीं स्वर्ण पदक की उम्मीदें
भारत के लिए बॉक्सिंग में भी शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। जादुमणि सिंह ने पुरुषों के 55 किलोग्राम वर्ग में नामीबिया के फिलिप हाउसेब को हराकर फाइनल में प्रवेश किया। इससे पहले अंकुश पंघाल, अरुंधति चौधरी, जैस्मीन लम्बोरिया और प्रीति पवार भी अपने-अपने वर्ग के फाइनल में पहुंच चुके हैं। इन पांचों मुक्केबाजों ने कम से कम रजत पदक सुनिश्चित कर लिया है और अब उनसे स्वर्ण पदक की उम्मीदें बढ़ गई हैं।

भारत के खाते में 17 पदक, नीरज चोपड़ा पर निगाहें
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का पदक अभियान लगातार मजबूत होता जा रहा है। अब तक भारतीय दल के खाते में 17 पदक आ चुके हैं, जिनमें 3 स्वर्ण, 9 रजत और 5 कांस्य पदक शामिल हैं। देर रात होने वाले जैवलिन थ्रो के फाइनल में स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा पर सभी की निगाहें रहेंगी। उनके साथ भारत के रोहित यादव और यशवीर सिंह भी पदक की दौड़ में अपनी चुनौती पेश करेंगे। भारतीय खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि अंतिम मुकाबलों में देश के पदकों की संख्या और स्वर्ण पदकों का आंकड़ा दोनों बढ़ेंगे।