द फॉलोअप डेस्क
झारखंड में लागू नई शिक्षा नीति के तहत अंगीभूत महाविद्यालयों में इंटरमीडिएट को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। साथ ही 11वीं के छात्रों का भी 12वीं में एडमिशन बंद कर दिया गया है। इस फैसले के खिलाफ विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में मंगलवार, 8 जुलाई को जमशेदपुर में छात्र-छात्राओं ने एक कार्यक्रम के दौरान झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन का घेराव कर विरोध दर्ज कराया। शिक्षा मंत्री बिष्टुपुर स्थित माइकल जॉन ऑडिटोरियम में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रतिभाशाली छात्रों को सम्मानित करने पहुंचे थे।
कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जैसे ही शिक्षा मंत्री बाहर निकले, पहले से मौजूद दर्जनों छात्र-छात्राएं उनके सामने आ डटे और नई शिक्षा नीति को लेकर नाराजगी जताने लगे। इस दौरान छात्र-छात्राओं और शिक्षा मंत्री के अंगरक्षकों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।
छात्राएं शिक्षा मंत्री से इंटरमीडिएट बंद किए जाने के फैसले को लेकर सरकार की मंशा स्पष्ट करने की मांग कर रही थीं। वहीं शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन ने कहा कि सरकार ने इस पर पहल की है और किसी छात्र को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। हालांकि छात्राएं मानने को तैयार नहीं थीं। स्थिति बिगड़ते देख शिक्षा मंत्री ने संयम बरता और हाथ जोड़कर सभी की बातें सुनीं। उन्होंने छात्रों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया जाएगा और सरकार के स्तर पर उनकी मांगों को रखा जाएगा। साथ ही जल्द ही कोई ठोस समाधान निकालने का आश्वासन भी दिया।
गौरतलब है कि नई शिक्षा नीति के तहत डिग्री कॉलेजों में 12वीं का नामांकन बंद कर दिए जाने से छात्रों में भारी नाराजगी है। छात्रों का कहना है कि न तो आगे की पढ़ाई का मार्ग स्पष्ट है और न ही वैकल्पिक व्यवस्था की कोई जानकारी दी गई है। इसी को लेकर छात्रों का आक्रोश फूटा और उन्होंने शिक्षा मंत्री का घेराव किया।
