द फॉलोअप डेस्क
झारखंड के अंतरराष्ट्रीय अपराधी मयंक सिंह, उर्फ सुनील मीणा को जल्द ही जमशेदपुर के घाघीडीह सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया जाएगा। इस संबंध में जेल आईजी द्वारा आदेश जारी किए गए हैं। मयंक सिंह वर्तमान में रामगढ़ जेल में बंद है, लेकिन सुरक्षा कारणों से जेल प्रशासन ने उसे वहां रखना जोखिम भरा माना। इसके बाद प्रशासन ने उसे अति सुरक्षित घाघीडीह जेल में शिफ्ट करने की सिफारिश की, जिसे जेल आईजी ने मान लिया और प्रक्रिया शुरू कर दी है।
मयंक सिंह, उर्फ सुनील मीणा को अजरबैजान से प्रत्यर्पित कर झारखंड लाया गया था। वह विदेश से गिरफ्तार होने वाला झारखंड का पहला अपराधी है, जिसकी सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। प्रत्यर्पण के बाद, उसे रामगढ़ जेल में रखा गया था, लेकिन अब उसे सुरक्षा के दृष्टिकोण से उपकारा से केंद्रीय कारागार में शिफ्ट किया जा रहा है।
मयंक सिंह राजस्थान का रहने वाला है और वह कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और अमन साव के साथ आपराधिक गतिविधियों में लिप्त था। पिछले पांच सालों तक पुलिस को यह नहीं पता था कि मयंक सिंह का असली नाम क्या है, लेकिन एटीएस की टीम ने कई प्रयासों के बाद उसकी पहचान सुनील मीणा के रूप में की। मयंक मलेशिया में बैठकर भारत में गैंग संचालन कर रहा था और सोशल मीडिया के जरिए अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। झारखंड पुलिस के मुताबिक, मयंक सिंह के खिलाफ राज्य भर में 48 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें से अधिकांश मामले हजारीबाग जिले में हैं। इसके अलावा रांची, रामगढ़, पलामू और गिरिडीह जिलों में भी उसके खिलाफ मामलों की भरमार है।
