खूंटी:
खूंटी में रविवार को हुई घटना की आलोचना इरफान अंसारी (Irfan Ansari) ने की है। उन्होंने कहा है कि झारखंड में पुलिस द्वारा उत्तरप्रदेश मॉडल पर काम करना नहीं चलेगा। जिस प्रकार से खूंटी पुलिस (Khunti Police) ने प्रतिबंधित मांस बिक्री का आरोप लगाकर इजहार अंसारी को गिरफ़्तार करने के लिए रात के 12 बजे घर के दरवाज़े को तोड़कर घुसती है। घर पर मौजूद महिला,बच्चे एवं बुजुर्ग के साथ दुर्व्यवहार, गाली गलौज एवं धक्का मुक्की करती है। ऐसी हकरत किसी भी क़ीमत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीजीपी से लोगों को उम्मीद है कि अपने पुलिस महकमे को नियंत्रण में रखें।इस घटना से लोग काफ़ी असंतोष है। ख़ासकर अल्पसंख्यक समाज के लोग इससे काफी आहत हुए है।

मुख्यमंत्री से किया अनुरोध
इरफान अंसारी ने मुख्यमंत्री से अनुरोध करते हुए कहा कि इस मामले पर कठोर करवाई होनी चाहिए। जिससे इस समाज का पुलिस और सरकार पर भरोसा बना रहे। उन्होंने कहा कि खूंटी एसपी सहित दोषी पुलिस वालों पर 302 के तहत हत्या का मुक़दमा दर्ज हो और कार्रवाई की जाए।
अल्पसंख्यक के नाम से आतंकवादियों के तरह होता है व्यवहार
इज़हार को थाना बुलाकर दिन के समय में क़ानूनी करवाई की जा सकती थी। लेकिन अल्पसंख्यक के नाम से आतंकवादियों के तरह व्यवहार किया गया है। जो न्यायसंगत नहीं है। क्या इस समाज में ग़रीब होना पाप है? हमेशा देखा जाता है की इस समाज के लोगों को गोली मार दी जाती है और बाद में केस तक बंद कर दिया जाता है। क्या इस राज्य में अल्पसंख्यक होना गुनाह है?

क्या है मामला
झारखंड के खूंटी जिला के तोरपा थानाक्षेत्र के रोड़ो गांव में शनिवार रात को प्रतिबंधित मांस का कारोबार करने के फरार आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस पहुंची। पुलिस की आवाज सुनकर आरोपित के बुजुर्ग पिता की हार्ट अटैक आने से मौत हो गई। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस को बंधक बनाये रखा। वहीं शव को उठाने से भी ग्रामीण मना कर रहे थे।