द फॉलोअप, रांची
राज्य के पुलिस-प्रशासनिक विभाग के अधिकारियों के लिए अब झारखंड भवन नयी दिल्ली में किसी को भी अपना रिश्तेदार बता कर कमरा बुक कराना मुश्किल होगा। कैबिनेट ने इस संबंध में 13 अप्रैल को सभी अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव, पुलिस महानिदेशक, प्रमंडलीय आयुक्त, सभी उपायुक्त, वरीय पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस अधीक्षकों को एक पत्र जारी किया है। इस पत्र में कहा गया है कि मुख्य प्रशासी पदाधिकारी झारखंड भवन नयी दिल्ली द्वारा सूचित किया गया है कि अतिथियों के पारिवारिक सदस्यों के लिए कमरा का आरक्षण किये जाने के क्रम में उनका नाम, पहचान (आधार इत्यादि) अंकित नहीं होने से कई तरह की व्यवहारिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए पारिवारिक सदस्यों के लिए झारखंड भवन नयी दिल्ली में कमरा का आरक्षण कराने के लिए उनका स्पष्ट नाम, पहचान (आधार संख्या एवं आधार कार्ड की छाया प्रति, मोबाइल नंबर का अनिवार्य रूप से अपने अनुरोध पत्र में जिक्र किया जाना जरूरी है।

जानकार सूत्रों का कहना है कि दिल्ली में बने नये झारखंड भवन में बेहतर सुविधा और न्यूनतम भुगतान के कारण सरकार के अधिकारियों द्वारा किसी भी व्यक्ति को अपना पारिवारिक सदस्य बता कर कमरा बुक करने का अनुरोध किया जा रहा है। इससे झारखंड भवन में कमरे की बुकिंग को लेकर प्रेशर बढ़ता जा रहा है। कमरा नहीं मिलने पर तनाव की स्थिति भी पैदा होती है। इससे बचने के लिए अब अधिकारियों को निदेशित किया गया है कि वे जिस व्यक्ति को अपना पारिवारिक सदस्य बता रहे हैं, उसका आधार संख्या और आधार कार्ड की छाया प्रति, मोबाइल नंबर और अन्य प्रमाण भी संलग्न करें। इससे फर्जीगिरी रुकेगी और कमरा बुक करने के लिए दबाव भी कम होगा।
