जमशेदपुर
जमशेदपुर के बिरसानगर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर पाने का सपना देख रहे सैकड़ों परिवार अब थककर विरोध के रास्ते पर उतर आए हैं। रविवार सुबह 200 से अधिक लाभार्थी विधायक सरयू राय के बिष्टुपुर स्थित आवास पहुंचे और अपनी परेशानियां खुलकर सामने रखीं। उनका आरोप है कि पूरी राशि जमा करने के बावजूद उन्हें अब तक अपने ही घर की चाबी नहीं मिली है, जबकि बैंक की ईएमआई और किराये का बोझ उनकी आर्थिक स्थिति को लगातार कमजोर कर रहा है।
इस मुद्दे को मुख्यमंत्री तक ले जाएंगे
लाभार्थियों ने बताया कि वे अभी भी किराये के मकानों में रहने को मजबूर हैं। जिन लोगों ने बैंक से लोन लिया है, उनकी नियमित किस्तें कट रही हैं, लेकिन आवास का कब्जा न मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति और बिगड़ती जा रही है। इसी बीच लाभार्थियों ने 6 मई को शुभ मुहूर्त मानते हुए सामूहिक गृहप्रवेश पूजा करने का निर्णय लिया है। सरयू राय ने कहा कि अगर तब तक सरकार ने चाबी नहीं दी, तो भी वे लोगों के साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने कहा, “पंडितजी, शामियाना, कुर्सी-टेबल और पूजन सामग्री की सारी व्यवस्था मैं करूंगा।” उन्होंने यह भी कहा कि वे इस मुद्दे को मुख्यमंत्री तक ले जाएंगे और उनसे ऑनलाइन उद्घाटन कर जल्द समाधान निकालने का आग्रह करेंगे।
बिरसानगर आवास योजना में देरी पर सरयू राय ने सवाल उठाए
मामले पर विधायक सरयू राय ने कहा कि बिरसानगर में कुल 21 ब्लॉक बनने थे, लेकिन अब तक केवल दो ही ब्लॉक तैयार हो पाए हैं। इन्हीं दो ब्लॉकों में कुछ लोगों को आवंटन भी हुआ है और बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन भी किया गया है, इसके बावजूद उन्हें घरों का कब्जा नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि काफी विलंब हो चुका है और लोगों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। राय ने बताया कि जब उन्होंने इस मामले में अधिकारियों से बात की, तो उप नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि निर्माण एजेंसी जूड़को ने अब तक मकान जेएनएसी को हैंडओवर नहीं किया है, इसी कारण लाभार्थियों को कब्जा नहीं मिल पा रहा है। दूसरी ओर, लाभार्थियों ने यह भी शिकायत की है कि जिन मकानों का निर्माण हो चुका है, उनमें से कुछ में अभी से दरारें आने लगी हैं। इसे गंभीर बताते हुए राय ने कहा कि यह झारखंड के लिए दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है, जबकि अन्य राज्यों में ऐसी समस्याएं सामने नहीं आतीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इस पूरे मामले में केवल लाभार्थियों की मदद कर रहे हैं और सरकार तक उनकी आवाज पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।