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रांची : जयश्री ग्रीन सिटी पुंदाग में धूमधाम से मनाई गई चित्रगुप्त पूजा और भाईदूज

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राँची:
 राजधानी के जयश्री ग्रीन सिटी पुंदाग में भगवान चित्रगुप्त की पूजा अर्चना की गई। इसके साथ भाई-बहन के प्यार और अटूट बंधन का प्रतीक भाईदूज भी मनाया गया। शाम को बहनों ने अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाया और उनके आयुष्य और आरोग्य की कामना की। बता दें कि चित्रगुप्त की पूजा दीपावली के दूसरी दिन की जाती है। जहां कायस्थ समाज के लोगों ने चित्रगुप्त की प्रतिमा पर कलम और दवात अर्पण कर आशीर्वाद लिया।


सांस्कृतिक कार्यक्रम का किया गया आयोजन

जयश्री ग्रीन सिटी पुंदाग में हुए चित्रगुप्त पूजा में सभी जातियों के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। जिसमें महिलाओं और बच्चों ने हिस्सा लिया। इसमें बच्चों द्वारा नृत्य और गाने की प्रस्तुती की गई। इस कार्यक्रम में आराध्या शीन ,सोनल ,आस्था,आरोही ,रियान ,वंशु ,अर्मत्य  ,आदर्श ,संम्पदा सामर्थ आदि ने नृत्य एवं गायन कला का प्रर्दशन कर खूब तालियाँ बटोरी।

 
कौन है भगवान चित्रगुप्त
भगवान चित्रगुप्त की पूजा अधिकतर कायस्थि लोगों में की जाती है क्योंकि उन्हें  चित्रगुप्तो महाराज की ही संतान माना जाता है। भगवान चित्रगुप्तभ को ब्रह्मा जी की संतान माना जाता है। कहा जाता है क‍ि जब ब्रह्मा जी ने इस संसार की रचना की, तो यमराज को पृथ्वी पर रहने वाले मनुष्यों को कर्मों के अनुसार सजा देने का कार्य सौंपा। यमराज ने इसके लिए ब्रह्मा जी से एक सहयोगी की मांग की। इसके बाद ब्रह्मा जी ने एक हजार वर्ष तक तपस्या की। इस तप के प्रभाव से ब्रह्मा जी की काया से चित्रगुप्तम भगवान का जन्मे हुआ और उन्हेंक यमराज का सहयोगी बना दिया गया। भगवान चित्रगुप्ता का जन्म  ब्रह्मा जी की काया से हुआ था, इसलिए उनकी सभी संतानें कायस्थउ कहलाईं।