द फॉलोअप डेस्क
झारखंड राज्य आजीविका कर्मचारी संघ के बैनर तले आजीविका मिशन के कर्मचारियों ने मंगलवार को समाहरणालय परिसर के सामने अपने अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन का पांचवां दिन लगातार जारी रखा। संघ के कार्यकारी जिला अध्यक्ष गणेश महतो की अध्यक्षता में आयोजित इस आंदोलन में बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए।
कर्मचारियों ने राज्य सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार के निर्देशों के बावजूद उन्हें अब तक बुनियादी सुविधाएँ और समान वेतन नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय मिशन प्रबंधन इकाई (NMMU) के तहत आजीविका मिशन के कर्मचारियों को समान कार्य के बदले समान वेतन और सुविधाएँ देने के निर्देश केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए हैं, लेकिन राज्य सरकार और प्रबंधन ने इसे लागू नहीं किया है।
कर्मचारी हीरक दास ने कहा कि वे वर्षों से झारखंड राज्य आजीविका मिशन के तहत कार्यरत हैं, लेकिन राज्य प्रबंधन केंद्र की अनिवार्य सुविधाओं को लागू नहीं कर रहा। उन्होंने बताया कि वेतन वृद्धि, प्रमोशन, भत्ता और अन्य सुरक्षा न मिलने के कारण कर्मचारियों में निराशा बढ़ रही है। हीरक दास ने कहा, “हम वर्षों से सेवा दे रहे हैं, लेकिन वेतन वही है। न प्रमोशन, न भत्ता, न सुरक्षा। इसके बावजूद हम मनरेगा, पंचायत राज और स्वास्थ्य विभाग सहित सभी कार्यों में सहयोग करते आए हैं, लेकिन राज्य कर्मी का दर्जा नहीं मिला। इसलिए मजबूर होकर हड़ताल पर हैं।”
कर्मचारी शशिराज लाल और कृष्ण कुमार ने बताया कि अन्य राज्यों में आजीविका मिशन के कर्मचारियों को वेतन वृद्धि और महंगाई भत्ता मिलता है, जबकि झारखंड में यह लंबित है। उन्होंने कहा कि गृह जिले में सेवा देने का निर्देश भी पालन में नहीं लाया गया। कर्मचारियों ने कहा कि बार-बार अनुरोध के बावजूद सरकार उनके मुद्दों पर गंभीर नहीं है। राज्यभर में हजारों कर्मचारी आर्थिक असुरक्षा में काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि आजीविका मिशन गरीबों और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए महत्वपूर्ण परियोजना है, लेकिन स्वयं इसके कर्मचारियों को बुनियादी अधिकार नहीं मिल रहे।
धरना कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित थे। इनमें गणेश महतो, उत्तम कुमार, हीरक दास, कृष्ण कुमार, वीरेंद्र, अमित, दीपक कुमार वर्मा, कृष्ण गोपाल पाल, सोना लाल सोरेन, अमरेंद्र सोरेन, जिन कुमार महतो, रविंद्र नाथ यादव, शिशिर कुमार माझी, सुभाष रविदास, मुकेश महतो, शेखर प्रसाद, परवेज़ अंसारी, संजय चक्रवर्ती, दिवाकर मुर्मू, आलोक कुमार मुर्मू, तुलसीदास पंडित, सिद्धेश्वर किस्कू सहित कई कर्मचारी शामिल थे। कर्मचारियों ने कहा कि जब तक उनकी सभी माँगें पूरी नहीं होतीं, यह अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।