द फॉलोअप डेस्क
झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के कदम आगे बढ़ने के बावजूद अगले दो दिनों तक इसके कमजोर रहने के आसार हैं। इसी बीच, प्रशांत महासागर में अलनीनो (El Nino) की सक्रियता ने मौसम वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के मुताबिक, अलनीनो का यह बदलाव खेती-किसानी के लिए अच्छे संकेत नहीं है। हालांकि, राहत की बात यह है कि मॉनसून ने राज्य के नए इलाकों जैसे धनबाद, बोकारो, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां को पूरी तरह कवर कर लिया है, जबकि रांची, खूंटी, रामगढ़ और गिरिडीह के कुछ हिस्सों में भी इसकी एंट्री हो चुकी है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. बाबू राज पीपी ने संभावना जताई है कि आगामी तीन से चार दिनों के भीतर मॉनसून के राज्य के अन्य बचे हुए हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं। विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, 16 जून को राज्य के उत्तर-पश्चिम जिलों को छोड़कर अधिकांश हिस्सों में आसमान में बादल छाए रहेंगे। इस दौरान कई इलाकों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ वज्रपात (आकाशीय बिजली) और बारिश होने की आशंका जताई गई है

इन जिलों में वज्रपात और बारिश का अलर्ट
आगामी 17 जून को राज्य के बड़े हिस्से में मौसम का मिजाज बदला रहेगा। मौसम विभाग ने रांची समेत लोहरदगा, गुमला, खूंटी, सिमडेगा, रामगढ़ और बोकारो में तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा कोल्हान प्रमंडल के पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों में भी वज्रपात के साथ झमाझम बारिश होने की संभावना है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

तापमान में बढ़ोतरी और कांके में रिकॉर्ड बारिश
मौसम में आए इस उतार-चढ़ाव के बीच सोमवार को राज्य के लगभग सभी जिलों के अधिकतम तापमान में उछाल देखा गया। मेदिनीनगर में पारा 40.4 डिग्री और जमशेदपुर में 40.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि राजधानी रांची में अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री रहा। बारिश के आंकड़ों की बात करें तो बीते 24 घंटों में रांची के कांके क्षेत्र में रिकॉर्ड 86.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है, वहीं रामगढ़ में महज एक मिमी वर्षा हुई।