द फॉलोअप डेस्क
Grant Thornton Bharat LLP ने Bill & Melinda Gates Foundation और Jharkhand State Livelihood Promotion Society, झारखंड सरकार के सहयोग से “Catalysing Corporate Partnerships for Sustainable and Inclusive Development in Jharkhand” विषय पर एक राज्य स्तरीय CSR कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यशाला में JSLPS, गेट्स फाउंडेशन, अग्रणी कॉरपोरेट कंपनियों और सार्वजनिक उपक्रमों जैसे Coal India, SAIL, Usha Martin, Hindalco और Mother Dairy के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसका उद्देश्य झारखंड में बड़े स्तर पर टिकाऊ और समावेशी ग्रामीण विकास के लिए सहयोगात्मक मार्ग तलाशना था। कार्यशाला की शुरुआत निशांत सिंह, निदेशक, Grant Thornton Bharat के उद्घाटन संबोधन से हुई, जिसमें उन्होंने राज्य की विकास प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने में सहयोगात्मक CSR साझेदारियों के महत्व पर जोर दिया।

अनन्या मित्तल, मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, JSLPS ने राज्य की उस दृष्टि को रेखांकित किया, जिसमें CSR पहलों के माध्यम से उद्यम विकास और मजबूत बाजार संपर्क के जरिए आजीविका सुदृढ़ करने पर बल दिया गया है। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों, किसान उत्पादक संगठनों और JSLPS द्वारा प्रोत्साहित उत्पादक समूहों की महत्वपूर्ण भूमिका को भी उजागर किया, जो झारखंड में समावेशी और सशक्त आर्थिक विकास को बढ़ावा देते हैं। कॉरपोरेट सहभागिता के अवसरों पर प्रकाश डालते हुए वी. पद्मानंद, पार्टनर, Grant Thornton Bharat ने कहा कि किसान उत्पादक संगठन राज्य में प्रभावी CSR साझेदारी के लिए एक मजबूत मंच प्रदान करते हैं। व्यवसाय परामर्श सेवाओं, तकनीकी अपनाने और बेहतर बाजार पहुंच के माध्यम से कॉरपोरेट इन संगठनों को टिकाऊ और बाजार-उन्मुख उद्यमों में बदलने में अहम भूमिका निभा सकते हैं, जिससे छोटे और सीमांत किसानों की आय में उल्लेखनीय सुधार संभव है।

इस कार्यशाला में Grant Thornton Bharat के नेतृत्व, जिसमें तरुण बैजनाथ, पार्टनर और ऋषु रवि, निदेशक सहित अन्य वरिष्ठ प्रबंधकों ने भाग लिया। साथ ही विभिन्न कॉरपोरेट और सार्वजनिक उपक्रमों के प्रतिनिधियों ने भी सक्रिय सहभागिता की। चर्चाओं का मुख्य फोकस कॉरपोरेट CSR निवेशों को राज्य की आजीविका योजनाओं के साथ जोड़कर दीर्घकालिक और मापनीय विकास परिणाम हासिल करना रहा। यह पहल सरकार, कॉरपोरेट और विकास साझेदारों के बीच साझा प्रतिबद्धता को मजबूत करती है, जिसका उद्देश्य झारखंड में समावेशी विकास और टिकाऊ ग्रामीण परिवर्तन को गति देना है।