लंदन / रांची
झारखंड की महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिज संभावनाओं को लेकर लंदन के बकिंघम गेट में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें यूनाइटेड किंगडम और यूरोप के वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ, उद्योग प्रतिनिधि और संस्थागत हितधारक शामिल हुए। बैठक के दौरान झारखंड प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में उपलब्ध समृद्ध खनिज संसाधनों को वैश्विक मंच पर रेखांकित किया।
बैठक में झारखंड में पाए जाने वाले लिथियम, ग्रेफाइट, रेयर अर्थ एलिमेंट्स (REE), टाइटेनियम, वैनाडियम, पोटाश, तांबा और सोने जैसे महत्वपूर्ण खनिजों पर विशेष फोकस किया गया। इन खनिजों को स्वच्छ ऊर्जा तकनीक, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, उन्नत विनिर्माण और रणनीतिक वैश्विक उद्योगों के लिए बेहद आवश्यक बताया गया।

झारखंड सरकार के अधिकारियों ने राज्य की भूवैज्ञानिक संभावनाओं, चल रही खनिज अन्वेषण गतिविधियों और सतत व जिम्मेदार खनन को बढ़ावा देने के लिए किए गए नीतिगत और विनियामक सुधारों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। खासतौर पर कोडरमा–गिरिडीह अभ्रक क्षेत्र, पलामू ग्रेफाइट ब्लॉक्स, सिंहभूम खनिज पट्टी और कोयला व लौह-अयस्क बहुल क्षेत्रों में मौजूद क्रिटिकल मिनरल्स की संभावनाओं को प्रमुखता से सामने रखा गया।
चर्चा के दौरान भारत की महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने, राष्ट्रीय ऊर्जा संक्रमण लक्ष्यों को समर्थन देने और सुरक्षित, विविधीकृत तथा लचीली वैश्विक खनिज आपूर्ति सुनिश्चित करने में झारखंड की रणनीतिक भूमिका पर भी विचार किया गया। इसके साथ ही अन्वेषण, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, अनुसंधान, बेनिफिशिएशन और वैल्यू एडिशन के क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय सहयोग की संभावनाओं पर सहमति बनी।
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बैठक में शामिल प्रतिभागियों ने पारदर्शिता, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और रणनीतिक खनिजों में आत्मनिर्भरता को लेकर भारत सरकार की व्यापक सोच के अनुरूप झारखंड के प्रगतिशील दृष्टिकोण का स्वागत किया। बैठक का समापन झारखंड और वैश्विक साझेदारों के बीच क्रिटिकल मिनरल्स सेक्टर में सहयोग को और मजबूत करने की साझा प्रतिबद्धता के साथ हुआ। झारखंड सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदायों के हितों की रक्षा करते हुए सतत खनन पद्धतियों को अपनाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
इस बैठक में अपर मुख्य सचिव वंदना डाडेल, निदेशक (खान) राहुल कुमार सिन्हा, कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के प्रो. मुकेश, बर्मिंघम विश्वविद्यालय के प्रो. पॉल एंडरसन, क्रिटिकल मिनरल्स एसोसिएशन (यूके) के संस्थापक डॉ. जेफ टाउनसेंड और एसआरके कंसल्टिंग (यूके) के निदेशक रिचर्ड ओल्डकॉर्न सहित कई अंतरराष्ट्रीय हितधारक मौजूद रहे।
