द फॉलोअप डेस्क
हॉकी झारखंड ने शानदार टीम वर्क का प्रदर्शन करते हुए 15वीं हॉकी इंडिया सब जूनियर मेन नेशनल चैम्पियनशिप 2025 में रजत पदक हासिल किया। पूरे प्रतियोगिता के दौरान टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन किया और फाइनल मुकाबले में हॉकी पंजाब के खिलाफ कड़ी टक्कर दी। यह रोमांचक फाइनल मुकाबला 4-3 के करीबी अंतर से समाप्त हुआ, जिसमें झारखंड को स्वर्ण पदक से थोड़े अंतर से चूकना पड़ा।
इस उपलब्धि पर नवल टाटा हॉकी अकादमी (एनटीएचए) गौरवान्वित है, क्योंकि झारखंड टीम के मुख्य दल में इसके 14 कैडेट्स शामिल थे। इसके अलावा, एनटीएचए के कोच मनीष कुमार ने टीम के मुख्य कोच की भूमिका निभाई, जबकि कोच हार्दिक भोंसले ने टीम मैनेजर के रूप में जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट के दौरान टीम के अनुशासन, रणनीति और मनोबल को ऊंचा बनाए रखा।
यह सफलता अत्यंत सूक्ष्म और संगठित तैयारी का परिणाम थी, जिसकी शुरुआत नवल टाटा हॉकी अकादमी, जमशेदपुर में आयोजित 10-दिवसीय प्री-टूर्नामेंट कैंप से हुई। हॉकी झारखंड टीम ने एनटीएचए की तकनीकी विशेषज्ञता को टाटा स्टील हाई परफॉर्मेंस सेंटर द्वारा प्रदान किए गए खेल विज्ञान समर्थन के साथ जोड़ा, जिसमें फिजियोथेरेपिस्ट और वीडियो एनालिस्ट की अहम भूमिका थी। इस समन्वित प्रयास ने खिलाड़ियों को न केवल शारीरिक रूप से बल्कि रणनीतिक और मानसिक रूप से भी उच्चतम स्तर पर तैयार किया, जिससे वे राष्ट्रीय मंच पर बेहतरीन प्रदर्शन करने में सक्षम हुए।
अकादमी के लिए एक यादगार क्षण तब आया जब कैडेट आशिष तानी को उनकी निरंतर बेहतरीन प्रदर्शन, तीव्र खेल समझ और निर्णायक मुकाबलों में महत्वपूर्ण योगदान के लिए प्रतिष्ठित ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही, एनटीएचए के एक अन्य कैडेट ने भी अपनी विश्व स्तरीय गोलकीपिंग प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए ‘बेस्ट गोलकीपर ऑफ द टूर्नामेंट’ का खिताब जीता, जो गोलपोस्ट के अभेद्य रक्षक के रूप में अपनी अलग छाप छोड़ने में सफल रहे।
इस उपलब्धि पर एनटीएचए के प्रोजेक्ट डायरेक्टर, गुरमीत सिंह राव ने गर्व व्यक्त करते हुए कहा, “यह रजत पदक हमारी संरचित प्रशिक्षण प्रक्रिया और हमारे खिलाड़ियों व कोचों की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। फाइनल में मिली यह करीबी हार हमें और मेहनत करने और अगली बार स्वर्ण पदक जीतने के लिए प्रेरित करती है।”
इस अभियान ने पूल चरणों में झारखंड की पकड़, नॉकआउट मुकाबलों में रणनीतिक सूझ-बूझ और फाइनल में उनकी अदम्य प्रतिस्पर्धा की भावना को बखूबी दर्शाया। इस प्रदर्शन ने एनटीएचए की उस मजबूत भूमिका को भी पुनः स्थापित किया, जो वह राज्य और देश के लिए युवा हॉकी प्रतिभाओं को तैयार करने में निभा रहा है।
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के साथ हॉकी झारखंड और नवल टाटा हॉकी अकादमी (एनटीएचए) अपने संकल्प को और मजबूत करते हैं, युवाओं को तैयार करने का, जो न केवल राज्य बल्कि देश के लिए भी हॉकी के उच्चतम स्तरों पर सम्मान और कीर्तिमान स्थापित करेंगे।
