द फॉलोअप, रांची
जंबोजेट प्रदेश कांग्रेस कमेटी के गठन के बाद उठे विवाद का अभी पटाक्षेप की संभावना नहीं दिखायी पड़ रही है। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर लगातार तीसरे दिन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश को पत्र लिखा है। पूछा है कि प्रदेश कमेटी के सदस्यों को होटल बीएनआर में बैठाएंगे। बीएनआर को ही पार्टी कार्यालय बनाएंगे। क्या प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में प्रदेश कमेटी के 314 पदाधिकारियों के बैठने की क्षमता है। किशोर ने कांग्रेस की नई प्रदेश कमेटी की तुलना ‘बोइंग 737’ विमान से करते हुए इसे जमीनी हकीकत से दूर और महज बड़े नेताओं को खुश करने वाला कदम बताया है।
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वह अपने पत्र में कुछ राज्यों के प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों की संख्या को भी अपने दर्शाया है। यह सवाल खड़ा किया है कि उन प्रदेशों की प्रदेश कमेटी में पदाधिकारियों की संख्या कम क्यों है। अन्य राज्यों के तुलनात्मक आंकड़े पेश करते हुए झारखंड कांग्रेस की 314 सदस्यीय कमेटी को तर्कहीन बताया है. उन्होंने लिखा कि झारखंड: 81 विधानसभा सीटें और 314 पदाधिकारी, उत्तर प्रदेश में 403 विधानसभा सीटें और मात्र 130 पदाधिकारी, मध्य प्रदेश में 230 विधानसभा सीटें और मात्र 115 पदाधिकारी. बिहार में 242 विधानसभा सीटें और प्रस्तावित 200 सदस्य, ओडिशा में 147 विधानसभा सीटें और मात्र 31 पदाधिकारी हैं.

जिस तरह से विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है, इस क्रम में उनसे यह पूछने पर क्या आप मंत्री पद छोड़ेंगे। राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि यह पार्टी पर निर्भर है। पार्टी अगर उनके काम से संतुष्ट है तो रखे अन्यथा हटा दे। उनके कहने का तात्पर्य साफ है कि वह पीछे मुड़ने वाले नहीं है। उनका संगठन पर लगातार हमला भी, यही संकेत दे रहा है। वैसे पार्टी सूत्रों की मानें तो कांग्रेस के शीर्ष स्तर पर राधाकृष्ण किशोर को मंत्री पद से हटाने पर गंभीरता से विचार भी किया जाने लगा है।
