रांची
खिजरी विधायक राजेश कच्छप ने राज्य की प्रशासनिक कार्यशैली और पुलिस व्यवस्था को लेकर अपनी ही सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने खास तौर पर आदिवासी अधिकारियों के तबादले और थानों में हो रही पोस्टिंग प्रक्रिया पर नाराजगी जाहिर करते हुए इसे चिंताजनक बताया है। विधायक ने कहा कि राज्य में कई योग्य और ईमानदार आदिवासी अधिकारियों को अहम जिम्मेदारियों से हटाकर कम महत्व वाले पदों पर भेजा जा रहा है। इससे न सिर्फ अधिकारियों का मनोबल प्रभावित हो रहा है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था भी कमजोर पड़ रही है।

मुख्यमंत्री से मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग
विधायक राजेश कच्छप ने मुख्यमंत्री से मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। कच्छप ने कहा कि यदि आदिवासी अधिकारियों के साथ न्याय नहीं हुआ और थानों में पोस्टिंग की प्रक्रिया में सुधार नहीं किया गया, तो वे जनता की आवाज को सदन से लेकर सड़क तक और अधिक मजबूती से उठाएंगे।

थानेदारों की पोस्टिंग को लेकर विधायक ने जताई नाराजगी
राजेश कच्छप ने लगातार हो रहे तबादलों को भी विकास कार्यों में बाधा बताया। उनका कहना है कि अधिकारियों के बार-बार बदलने से योजनाओं की निरंतरता टूटती है और इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ता है। उन्होंने रांची पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। विधायक के मुताबिक थानेदारों की पोस्टिंग में पारदर्शिता की कमी दिखाई दे रही है और कई योग्य अधिकारियों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
इस कारण जनता के बीच असंतोष बढ़ रहा है। खिजरी विधायक ने कहा कि यदि प्रशासनिक फैसलों में सुधार नहीं हुआ और आदिवासी अधिकारियों के साथ न्याय नहीं किया गया तो वे इस मुद्दे को सदन से लेकर सड़क तक उठाने के लिए मजबूर होंगे। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है।