द फॉलोअप डेस्क
हजारीबाग व्यवहार न्यायालय परिसर में मंगलवार को अधिवक्ताओं और पुलिस के बीच कहासुनी हो गई। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि सुरक्षा के मद्देनजर कोर्ट परिसर में अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती करनी पड़ी। अधिवक्ताओं ने पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाए, वहीं पुलिस ने भी अपना पक्ष रखा। इस दौरान कई बार अधिवक्ता धरने पर बैठ गए, हालांकि बाद में आपसी वार्ता के बाद उन्होंने धरना समाप्त कर दिया।
दरअसल, मामला मंगलवार का है जब पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। इन पर फर्जी एसीबी पदाधिकारी बनकर वसूली करने का आरोप था। इन आरोपियों में एक अधिवक्ता महेश पासवान भी शामिल थे। जब केस आईओ, कटकमसांडी थाना में पदस्थापित मनोज कुजूर, महेश पासवान को लेकर कोर्ट पहुंचे, तो अधिवक्ताओं ने उनकी पिटाई कर दी।
इसके बाद कोर्ट परिसर का माहौल तनावपूर्ण हो गया। अधिवक्ताओं का आरोप है कि पुलिस ने कस्टडी में रहते हुए अधिवक्ता के साथ मारपीट की थी। इस घटना के विरोध में वकीलों ने केस आईओ को निशाना बनाया और दोषी पुलिसकर्मियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई, तो वे पेन डाउन हड़ताल पर जाएंगे।
कोर्ट परिसर में वकील आक्रोश में नारेबाजी करते रहे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हजारीबाग एएसपी अमित कुमार, इंस्पेक्टर शाहिद रजा समेत कई वरीय पदाधिकारी मौके पर डटे रहे। न्यायालय परिसर को पूरी तरह से पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए बार काउंसिल के अध्यक्ष और सचिव भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने अधिवक्ताओं से बातचीत कर उन्हें समझाया और आश्वासन दिया कि इस मुद्दे पर अधिवक्ता एकमत होकर एकजुट रहेंगे।
