चाईबासा:
चाईबासा के हिंदूवादी नेता कमलदेव गिरि की हत्या (Kamaldev Giri murder case) की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। मुख्य साजिशकर्ता सतीश प्रधान को पुलिस ने यूपी से गिरफ्तार कर चाईबासा लेकर आई। जहां पुलिस की पूछताछ में उसने हत्या करने का कारण बताया। एसपी आशुतोष शेखर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि बीते साल उसके और कमलगिरी के बीच मारपीट हुई थी। जिसके बाद दोनों को जेल जाना पड़ा था। उस वक्त साजिशकर्ता सतीश की शादी होने वाली थी। जो जेल जाने के बाद टूट गई। इसी बात से नाराज सतीश ने कमलदेव की हत्या करने का मन बना लिया था। उसने जाहिद,राकिब और अन्य 4 के के साथ मिलकर पूरा प्लान बनाया और घटना को अंजाम दिया।

अन्य लोगों की तलाश में छापेमारी जारी
एसपी ने बताया बीते 6 महीने से सात लोगों कमलगिरी को मारने का प्लान बना रहे थे। इसी बीच 12 नवंबर को मौका पाकर उन्होंने घटना को अंजाम दिया। SIT ने बहुत ही अच्छे तरीके से पूरे हत्याकांड का खुलासा किया। वारदात को अंजाम देने के बाद मुख्य साजिशकर्ता लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। जिससे उसे पकड़ने में दिक्कत हो रही थी। पहले वह जमशेदपुर भागा। फिर वहां से रांची आया इसके बाद वह यूपी के बलिया भाग गया। एसपी ने बताया कि हमें जब जानकारी मिली की सतीश प्रधान बलिया में है तो हमने एक टीम का गठन कर यूपी पुलिस की मदद से वहां छापा मारा और सतिश को गिरफ्तार किया। एसपी ने कहा कि SIT ने हत्याकांड का 21 नवंबर को खुलासा करते हुए दो आरोपियों मंडल साई निवासी गुलजार हुसैन उर्फ पिट्टू और मतिउर उर्फ रहमान उर्फ दानिश को गिरफ्तार किया गया था। फिर टीम ने बलिया से सतिश के भी गिरफ्तार किया। फिलहाल फरार चार लोगों के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है।

12 नवंबर को दिया गया था घटना को अंजाम
बता दें कि 12 नवंबर को दिनदहाड़े एक हिंदूवादी नेता कमलदेव गिरि की हत्या कर दी गई थी। इस हत्या के लिए बम का इस्तेमाल किया गया था। इस घटना के बाद से इलाके में तनाव फैल गया था। उनके समर्थक विरोध में सड़कों पर उतर आए थे। इलाके की सभी दुकानें बंद कर दी गई थी। समर्थकों ने सड़क को जाम कर दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारे भी लगाए गये थे। वहीं पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इलाके की सुरक्षा को बढ़ा दिया था। वहीं पुलिस ने क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीआरपीएफ को बुलाया था।