द फॉलोअप डेस्क
चाईबासा के सारंडा जंगलों में सुरक्षा बलों द्वारा हाल ही में हुई बड़ी कार्रवाई के बाद अब भाकपा माओवादी संगठन ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। संगठन की बिहार-झारखंड स्पेशल एरिया कमेटी के प्रवक्ता ने एक ऑडियो क्लिप जारी कर इस मुठभेड़ को 'फर्जी' करार दिया है। माओवादियों ने सुरक्षा बलों पर सुनियोजित साजिश के तहत हमला करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।1.jpeg)
जारी बयान में प्रवक्ता ने दावा किया गया है कि 22 जनवरी 2026 को कोबरा बटालियन, झारखंड जगुआर और जिला पुलिस ने सारंडा के बहुदा और कुमडीह गांव के पास उनके दस्ते पर अचानक हमला किया। संगठन का आरोप है कि सुरक्षा बलों ने बिना किसी चेतावनी के अंधाधुंध फायरिंग की। माओवादियों ने इसे आम मुठभेड़ के बजाय एक 'सुनियोजित हत्या' बताया है।1.jpeg)
संगठन ने चौंकाने वाला आरोप लगाते हुए कहा कि सुरक्षा बलों ने जीपीएस ट्रैकर और खाद्य सामग्री में जहर मिलाने जैसी साजिशों का सहारा लिया है। ऑडियो बयान में माओवादियों ने स्वीकार किया है कि इस कार्रवाई में उनके संगठन को बड़ा नुकसान हुआ है। उन्होंने मारे गए अपने साथियों को 'लाल सलाम' कहकर श्रद्धांजलि भी अर्पित की है।1.jpeg)
माओवादी प्रवक्ता के अनुसार, सुरक्षा बलों की इस भारी कार्रवाई और हवाई हमलों से सारंडा के वनग्रामों में रहने वाले आदिवासियों के बीच दहशत का माहौल है। संगठन का दावा है कि भारी गोलाबारी के कारण कई ग्रामीण अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। उन्होंने इसे मानवाधिकारों और संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन बताया है।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए माओवादियों ने कहा कि सुरक्षा बल सीधे मुकाबले के बजाय राशन में जहर मिलाने और ट्रैकर्स जैसे गुप्त रास्तों का इस्तेमाल कर रहे हैं। प्रवक्ता ने यह भी जानकारी दी कि उनके तीन साथी फिलहाल पुलिस की हिरासत में हैं। संगठन ने उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जाहिर की है।
बयान के अंत में माओवादी संगठन ने समाज के विभिन्न वर्गों, विशेषकर छात्रों, किसानों और बुद्धिजीवियों से इस घटना के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की है। उन्होंने इस सैन्य कार्रवाई को कायरतापूर्ण और जघन्य अपराध बताते हुए व्यापक विरोध दर्ज कराने का आह्वान किया है।