logo

रांची : मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED का बड़ा एक्शन, 14 इंजीनियर नए आरोपी बनाए गए

ED15.jpeg

रांची
झारखंड के चर्चित ग्रामीण कार्य विभाग मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ा कदम उठाते हुए 5वीं सप्लीमेंट्री प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दायर कर दी है। 17 मार्च 2026 को रांची स्थित पीएमएलए की विशेष अदालत में दाखिल इस शिकायत में 14 इंजीनियरों और अधिकारियों को नए आरोपी के रूप में शामिल किया गया है। इसके साथ ही इस मामले में कुल आरोपियों की संख्या बढ़कर 36 हो गई है।


टेंडर में 3 फीसदी कमीशन का संगठित खेल
जांच में सामने आया है कि ग्रामीण कार्य विभाग, ग्रामीण विकास विशेष क्षेत्र और झारखंड स्टेट रूरल रोड डेवलपमेंट अथॉरिटी में एक संगठित कमीशनखोरी का नेटवर्क चल रहा था। ठेकेदारों से टेंडर दिलाने के एवज में कुल राशि का 3 प्रतिशत कमीशन लिया जाता था। इस रकम का बंटवारा भी तय था—एक हिस्सा तत्कालीन मंत्री तक, कुछ हिस्सा विभागीय सचिव को और बाकी मुख्य अभियंता व अधीनस्थ अधिकारियों में बांटा जाता था।
करीब 3048 करोड़ रुपये के टेंडर आवंटन के बदले 90 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध कमाई का खुलासा हुआ है, जिसे अपराध की आय माना गया है।


इन अधिकारियों की भूमिका आई सामने
ईडी की जांच में सामने आया कि नए शामिल किए गए 14 अधिकारियों ने इस अवैध वसूली, रकम जुटाने और उसे आगे पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाई। इनमें से कई मुख्य अभियंता, कार्यपालक अभियंता और सहायक अभियंता स्तर के अधिकारी हैं, जिनमें कुछ सेवानिवृत्त भी हैं।
जांच एजेंसी ने इन सभी को मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत अपराध की आय से जुड़े लेन-देन में शामिल पाया है।


अब तक की कार्रवाई में बड़े खुलासे
इस मामले में ईडी अब तक 52 स्थानों पर छापेमारी कर चुकी है, जो झारखंड, दिल्ली और बिहार में की गई। अब तक 9 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें पूर्व मंत्री, उनके निजी सचिव और अन्य सहयोगी शामिल हैं।
इसके अलावा करीब 44 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं और लगभग 38 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए हैं। साथ ही 8 लग्जरी वाहन भी जब्त किए गए हैं। ईडी पहले ही इस मामले में एक मुख्य और चार सप्लीमेंट्री शिकायतें अदालत में दाखिल कर चुकी है, जिन पर संज्ञान लिया जा चुका है। अब 5वीं सप्लीमेंट्री शिकायत के साथ जांच और कानूनी कार्रवाई का दायरा और बढ़ गया है।


 

Tags - Bribery Network Investigation Tender Scam