रांची:
झारखंड राज्य स्थापना दिवस समारोह (Jharkhand State Foundation Day Celebration) के आमंत्रण पत्र में नाम नहीं रहने पर मेयर डॉ. आशा लकड़ा (Asha Lakra) ने आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि नगर निगम क्षेत्र में आयोजित किसी भी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री व मुख्य अतिथि के बाद मेयर का स्थान होता है। राज्य सरकार व अधिकारियों ने जानबूझकर प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया है। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के महासचिव व झारखंड प्रभारी को प्राथमिता दी गई है। इससे राज्य के मुख्यमंत्री की तुच्छ मानसिकता स्पष्ट हो चुकी है।

अधिकारियों ने जानबूझकर प्रोटोकॉल का किया उल्लंघन
आमंत्रण पत्र में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के महासचिव अविनाश पांडे का नाम दर्ज है। इसको देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि वे झारखंड सरकार के प्रभारी हैं। प्रोटोकॉल के तहत नगर निगम क्षेत्र में आयोजित किसी भी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री व मुख्य अतिथि के बाद मेयर का स्थान होता है, परंतु राज्य सरकार व अधिकारियों ने जानबूझकर प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया है। जहां एक ओर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आदिवासियों के हितैसी बने हुए हैं, वहीं दूसरी ओर 1932 के ख़तियानधारी आदिवासी महिला मेयर को स्थापना दिवस कार्यक्रम में न तो आमंत्रित किया और ना ही प्रोटोकॉल का ध्यान रखा।