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रांची में मर्सिडीज चालक का कहर, युवक को बोनट पर घसीटा; पढ़िए क्या है पूरा मामला

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द फॉलोअप डेस्क
राजधानी रांची में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। डोरंडा थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार मर्सिडीज कार के चालक,  एक युवक को टक्कर मारने, दोबारा जानबूझकर टक्कर देने, बोनट पर घसीटने और बाद में मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित युवक ने इसे अटेम्प्ट टू मर्डर बताया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, युवक अपने भाई को परीक्षा केंद्र छोड़कर लौट रहा था। इसी दौरान तेज रफ्तार मर्सिडीज कार ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी, जिससे बाइक का ब्रेक टूट गया। युवक ने विरोध करते हुए मर्सिडीज के आगे अपनी गाड़ी लगा दी और नुकसान की भरपाई की मांग की। उसका कहना था कि “पहले गाड़ी बनवाइए, तब जाने दूंगा।” कार चालक पेशे से हाईकोर्ट के अधिवक्ता हैं जिनका नाम मनोज टंडन है। उन्होंने कहा कि आज हाईकोर्ट में मेरी पहली केस है, अभी जाने दो, बाद में बात करेंगे। इसी बीच विवाद बढ़ गया।


दोबारा टक्कर और बोनट पर फंसा युवक
आरोप है कि विरोध से नाराज होकर कार चालक ने युवक को जानबूझकर दोबारा टक्कर मार दी। दूसरी टक्कर के बाद युवक कार के बोनट पर फंस गया। युवक का दावा है कि वह लगातार गाड़ी रोकने की गुहार लगाता रहा, लेकिन चालक ने वाहन नहीं रोका। युवक का कहना है कि कार काफी तेज रफ्तार में थी और उससे पहले भी कई लोगों को टक्कर मार चुकी थी। इसका उसके पास सबूत भी है। उसने यह भी आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद ट्रैफिक पुलिस की एक कांस्टेबल पीड़ित का समर्थन कर रही थी और कार को साइड में लगाने के लिए कह रही थी। युवक के अनुसार, चालक ने उस कांस्टेबल को भी टक्कर मारने की कोशिश की।


घर ले जाकर मारपीट का आरोप
मामला यहीं नहीं रुका। युवक का आरोप है कि कार चालक उसे बोनट पर एक स्थान पर ले गया। वहां पहुंचने के बाद उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को चालक के चंगुल से मुक्त कराया। लड़का बार-बार कह रहा है कि उसे काफी चोट लगी है। उसके होठ से खून भी निकल रहा था। पीड़ित का कहना है कि जहां उसकी पिटाई हुई, वहां का सीसीटीवी फुटेज डिलीट किए जाने की आशंका है। उसने कहा कि वह जिम करता है, स्पोर्ट्स पर्सन है और शारीरिक रूप से मजबूत होने के कारण कार को पकड़कर खुद को बचा सका, अन्यथा उसकी जान जा सकती थी। 


अधिवक्ता पक्ष ने क्या कहा
शुरुआती जानकारी के आधार पर खबर सामने आने के बाद जब अधिवक्ता संघ से संपर्क कर उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई, तो संबंधित पक्ष ने फोन पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि कई मीडिया संस्थानों ने शुरुआती जानकारी के आधार पर खबर चला दी है, इसलिए अब इस मामले को कानूनी रूप से देखा जाएगा। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और घटना के वास्तविक कारणों की पड़ताल में जुटी है।