द फॉलोअप डेस्क
गुमला जिला को भारत सरकार के नीति आयोग द्वारा 2018 में आकांक्षी जिला घोषित किए जाने के साथ ही डुमरी प्रखंड को भी आकांक्षी प्रखंड घोषित किया गया था। इसके बाद शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सड़क समेत 39 इंडिकेटर पर काम करने का निर्देश दिया गया था। जिला प्रशासन और डुमरी प्रखंड के कर्मियों ने ईमानदारी से इस कार्य को पूरा किया, जिसके परिणामस्वरूप डुमरी प्रखंड को भारत सरकार द्वारा कांस्य पदक से सम्मानित किया गया। इस सम्मान के मद्देनजर गुमला जिला में एक सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें उन सभी को सम्मानित किया गया जिन्होंने पूरी ईमानदारी से अपना योगदान दिया।
डुमरी प्रखंड के बीडीओ उमेश कुमार स्वासी को डीडीसी द्वारा मेडल पहनाकर सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि नीति आयोग के निर्देश पर काम करते हुए डुमरी की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। अब यहां सड़कों, शिक्षा और स्वास्थ्य की सुविधाएं उपलब्ध हैं। बीडीओ ने यह भी बताया कि सभी ने पूरी निष्ठा से काम किया, रात-रात भर केंद्र में रहकर टीम भावना के साथ कार्य किया। डुमरी प्रखंड की प्रमुख ने कहा कि आकांक्षी प्रखंड घोषित होने के बाद पूरे इलाके की तस्वीर बदल गई है। उन्होंने कहा, "पहले लोगों की समस्याओं को देखकर दुख होता था, लेकिन अब जो सुविधाएं मिल रही हैं, उससे बहुत खुशी हो रही है।"
वहीं, जिला के उप विकास आयुक्त दिलेश्वर महतो ने कहा कि नीति आयोग द्वारा दिया गया टास्क चुनौतीपूर्ण था, लेकिन टीम ने ईमानदारी से काम करके बदलाव की कहानी लिखी। उन्होंने बताया कि पहले डुमरी के कई इलाकों तक पहुंच मुश्किल थी और कई समस्याएं थीं, लेकिन अब स्थितियां बेहतर हो गई हैं। इस कार्यक्रम के दौरान नगर भवन में आकांक्षी प्रखंड में किए गए कार्यों को प्रदर्शित करने के लिए स्टॉल भी लगाए गए, जिसमें डुमरी में बन रहे सैनिटरी पैड काफी चर्चा में रहे।
