नंदलाल तुरी
भारत माता के जयघोष और “वंदे मातरम” के स्वर से शुक्रवार को पाकुड़ रेलवे मैदान गूंज उठा। पूर्व रेलवे, हावड़ा मंडल की ओर से राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम” के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में भव्य स्मरणोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हावड़ा मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) विशाल कपूर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उनके साथ सहायक मंडल रेल प्रबंधक, वरिष्ठ मंडल संचालन प्रबंधक, वरिष्ठ मंडलीय अभियंता, वरिष्ठ मंडल संकेत एवं दूरसंचार अभियंता सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी, छात्र और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक रूप से “वंदे मातरम” गीत के गायन से हुई। पूरा मैदान देशभक्ति के रंग में रंग गया। लोग “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम” के नारों से वातावरण गुंजा रहे थे।
मुख्य अतिथि डीआरएम विशाल कपूर ने कहा कि “भारतीय रेल और वंदे मातरम, दोनों का इतिहास लगभग 150 वर्षों पुराना है। आज़ादी की लड़ाई में रेल ने आंदोलन को नई दिशा दी थी। कई स्वतंत्रता सेनानियों ने रेल यात्रा के माध्यम से देशभक्ति का संदेश फैलाया था।” उन्होंने कहा कि “रेलवे कर्मचारी आज भी उसी भावना से देश की सेवा कर रहे हैं। हमारे लिए हर यात्री समान है।” डीआरएम ने आगे बताया कि प्रधानमंत्री के संदेश को इस अवसर पर सभी ने एक साथ सुना और देशभक्ति के भाव में डूब गए।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पाकुड़ रेलवे स्टेशन का एक्सीलेटर फिलहाल पावर ट्रिप की समस्या के कारण बंद है। राज्य सरकार से समन्वय कर पावर सप्लाई को दुरुस्त किया जा रहा है और बहुत जल्द इसे फिर से चालू किया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि पाकुड़ स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए कई योजनाओं पर काम चल रहा है। यात्रियों और व्यापारियों को बेहतर सुविधा देना रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कहा कि 150 वर्ष पहले रचित “वंदे मातरम” आज भी हर भारतीय के हृदय में देशप्रेम की ज्योति प्रज्वलित करता है। अंत में सामूहिक राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
