नंदलाल तुरी
पाकुड़ उपायुक्त मनीष कुमार ने पाकुड़ प्रखंड के आसनढीपा पंचायत में नाइट ब्लड सर्वे (NBS) अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से संवाद करते हुए फाइलेरिया (हाथीपांव) उन्मूलन के लिए जनजागरूकता का आह्वान किया। उपायुक्त मनीष कुमार ने स्वयं अपना रक्त नमूना देकर जांच कराई और लोगों को इस अभियान में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जब सभी लोग मिलकर सहयोग करेंगे, तभी फाइलेरिया जैसी बीमारी को समाप्त किया जा सकेगा।
नाइट ब्लड सर्वे 31 अक्टूबर से 7 नवंबर 2025 तक जिले के विभिन्न प्रखंडों में संचालित किया जा रहा है। उपायुक्त ने बताया कि यह सर्वेक्षण लिम्फैटिक फाइलेरियासिस जैसी बीमारी की पहचान और रोकथाम के लिए एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य पहल है। उन्होंने कहा कि यह सर्वेक्षण रात के समय आयोजित किया जाता है क्योंकि माइक्रोफाइलेरिया परजीवी रात में ही मानव रक्त में सक्रिय होते हैं और मच्छरों के माध्यम से संक्रमण फैलाते हैं। उपायुक्त ने कहा कि सर्वेक्षण से प्राप्त आंकड़े बीमारी की वास्तविक स्थिति और नियंत्रण रणनीति तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की टीम की सराहना करते हुए निर्देश दिया कि सर्वेक्षण कार्य पारदर्शिता, संवेदनशीलता और पूर्णता के साथ किया जाए।
उपायुक्त ने ग्रामीणों से अपील की कि वे स्वेच्छा से ब्लड सर्वे में भाग लें, ताकि फाइलेरिया मुक्त पाकुड़ का लक्ष्य हासिल किया जा सके। इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. सुरेन्द्र कुमार मिश्रा, पाकुड़ बीडीओ समीर अल्फ्रेड मुर्मू, जिला वीबीडी नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. अमित कुमार, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. कौशलेश कुमार सिंह, चिकित्सा पदाधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
