द फॉलोअप डेस्क
आज लोकसभा में पलामू सांसद विष्णु दयाल राम ने नियम 377 के तहत आंगनवाडी सेविकाओं एवं सहायिकाओं के द्वारा लंबे समय से उनकी सेवाओं के नियमितीकरण, मानदेय में यथोचित संशोधन एवं उसका समय पर भुगतान सुनिश्चित करने, पेंशन, भविष्य निधि, ग्रेच्युटी तथा बीमा जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएँ प्रदान करने संबंधी अति महत्वपूर्ण मामले को उठाया।.jpeg)
विष्णु दयाल ने कहा कि एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) योजना के अंतर्गत कार्यरत आंगनवाड़ी सेविकाओं एवं सहायिकाओं के द्वारा लंबे समय से उनकी सेवाओं के नियमितीकरण, मानदेय में यथोचित संशोधन तथा उसका समय पर भुगतान सुनिश्चित करने, पेंशन, भविष्य निधि, ग्रेच्युटी एवं बीमा जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएँ प्रदान करने की माँग लगातार की जा रही है। इसके अतिरिक्त, गैर-आईसीडीएस कार्यों एवं अत्यधिक प्रशासनिक दायित्वों को कम कर कार्य दायित्वों का युक्तिकरण करने, आंगनवाडी केंद्रों में आधारभूत संरचना एवं आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा पारदर्शी भर्ती एवं पदोन्नति प्रक्रिया, नियमित प्रशिक्षण एवं कार्यस्थल पर गरिमा तथा सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी माँग की जा रही है। 
उल्लेखनीय है कि उनके द्वारा गर्भवती माताओं तथा बच्चों, विशेषकर समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों तक पोषण, स्वास्थ्य एवं प्रारंभिक बाल देखभाल सेवाएँ पहुँचाने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती ही हैं। इस अग्रिम पंक्ति के कार्यबल की कार्यक्षमता एवं कल्याण आईसीडीएस योजना का प्रभावी क्रियान्वन तथा मातृ एवं शिशु कल्याण सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक है।
सांसद ने कहा कि "आपके माध्यम से माननीय महिला एवं बाल विकास मंत्री, भारत सरकार से अनुरोध करता हूँ कि उपरोक्त मामले पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए आवश्यक कदम उठाने की कृपा की जाय।"