रांची:
अवैध खनन मामले में गिरफ्तार हुए पंकज मिश्रा पिछले कई दिनों से रिम्स में इलाजरत है।ऐसे में अब मेडिकल बोर्ड ने पंकज मिश्रा को नशा मुक्ति केंद्र में इलाज कराने की सलाह दी है। डॉक्टर की टीम का कहना है कि उन्हें फोर्टविन का इंजेक्शन लेने की लत है और इससे हल्की दवा देने पर उन्हें बेचैनी होने लगती है। ऐसे में अब एक मात्र विकल्प नशा मुक्ति केंद्र ही है। उस जगह के अलावा अब कही और इनका इलाज नहीं हो सकता। अंत में बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में डी एडिक्शन सेंटर के लिए रेफर करने की अनुमति दे दी है वही बोर्ड की रिपोर्ट को रिम्स प्रबंधन ने जेल प्रशासन को भेज दिया।

क्या है फोर्टविन का इंजेक्शन
फोर्टविन दर्द निवारक और हल्की बेहोशी की दवा है। पंकज छह साल से यह इंजेक्शन लेता आ रहा है। यह एक सिंथेटिक नारकोटिक दवा है, जिसका उपयोग डॉक्टर ऑपरेशन से पहले मरीज को हल्की बेहोशी के लिए करते हैं। मेडिकल बोर्ड में शामिल डॉक्टरों ने इस दवा की लत छुड़ाने के लिए मनोचिकित्सक से परामर्श लेने की सलाह दी। बोर्ड के आग्रह पर बुधवार को रिम्स के मनोचिकित्सक डॉ अजय बाखला और उनकी यूनिट के जूनियर डॉक्टरों ने मिलकर इस दवा की लत छुड़ाने के लिए दवाएं शुरू की हैं।

1000 करोड़ के अवैध खनन मामले हुए थे गिरफ्तार
बता दें कि संताल के क्षेत्र में 1000 करोड़ के अवैध खनन मामले में अनुसंधान के दौरान ईडी ने गत 19 जुलाई को पंकज मिश्रा को गिरफ्तार किया था। उससे रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू की गई थी। इसी बीच पंकज मिश्रा की तबीयत बिगड़ी और तब से ही वे रिम्स के पेइंग वार्ड में इलाजरत हैं।