नंदलाल तुरी
पाकुड़ जिले के रविन्द्र भवन टाउन हॉल में आज रविवार को “प्रोजेक्ट परख 2.0 टॉप से टॉपर तक का सफर” कार्यक्रम के तहत वार्षिक माध्यमिक एवं इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 में उत्कृष्ट परिणाम सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रधानाध्यापकों, बीआरपी, सीआरपी और बीएड प्रशिक्षुओं के लिए एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का शुभारंभ उपायुक्त मनीष कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी अनीता पुरती, एडीपीओ पीयूष कुमार और एपीओ द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।
उपायुक्त मनीष कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि आने वाले चार महीने छात्रों के भविष्य निर्धारण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। सभी शिक्षक, बीआरपी, सीआरपी और बीएड प्रशिक्षु मिलकर यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक छात्र को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं नियमित अभ्यास का अवसर मिले। उन्होंने बीएड प्रशिक्षुओं से आग्रह किया कि वे विद्यालयों में नियमित रूप से कक्षाएँ लें, विद्यार्थियों की कॉपियाँ जांचें तथा टेस्ट सीरीज़ और अध्यायवार प्रैक्टिस पर विशेष ध्यान दें।
उपायुक्त ने बीआरपी और सीआरपी को निर्देश दिया कि वे स्कूलों की मॉनिटरिंग के साथ-साथ स्वयं भी कक्षा में उपस्थित रहकर छात्रों को पढ़ाएँ। उन्होंने कहा कि उपस्थिति सुधार और क्लासरूम शिक्षण दोनों में समान रूप से प्रयास आवश्यक हैं। परीक्षा से पहले प्रत्येक अध्याय के वस्तुनिष्ठ और वर्णनात्मक प्रश्नों पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए। नियमित टेस्ट, अभ्यास और अभिभावकों की भागीदारी से ही विद्यार्थी बेहतर अंक प्राप्त कर सकेंगे। जिला शिक्षा पदाधिकारी अनीता पुरती ने कहा कि “परख 2.0” पहल का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को आत्मविश्वास के साथ परीक्षा के लिए तैयार करना है। कार्यशाला में जिले के सभी प्रखंडों के प्रधानाध्यापक, बीआरपी, सीआरपी, बीएड प्रशिक्षु तथा शिक्षा विभाग के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
